Description

Description

“मराठीतून जर्मन – शिकणं आता सौपं”

“भाषा ही फक्त संवादाचं साधन नाही ती नव्या संस्कृतीकडे आणि नव्या संधींकडे नेणारं दार आहे.”

आज अत्यंत आनंद आणि अभिमान वाटतो की “जर्मन भाषा गुरु” हे पुस्तक अधिकृतपणे प्रकाशित होत आहे. हे पुस्तक खास मराठी विद्यार्थ्यांसाठी तयार केलेले आहे, जे जर्मन भाषा शिकू इच्छितात पण इंग्रजी माध्यमामुळे अडचण अनुभवतात. आता मराठी माध्यमातूनही तुम्ही सहजपणे आणि आत्मविश्वासाने जर्मन शिकू शकता “मराठी माध्यमातून सोपं जर्मन शिका !”

या पुस्तकात तुम्हाला मिळेलः

जर्मन अक्षरमाला आणि योग्य उच्चार शिकण्यासाठी सोपी उदाहरणे

मराठी भाषेतून स्पष्ट केलेले व्याकरण आणि नियम

会 दैनंदिन संभाषणासाठी वापरता येणारी वाक्यरचना

शब्दसंग्रह वाढवण्यासाठी उपयुक्त यादी आणि सराव तक्ते

जर्मन संस्कृती, शिक्षण पद्धती आणि रोजगाराच्या संधींचं मार्गदर्शन

हे पुस्तक कोणासाठी आहे?

परदेशात शिक्षण किंवा नोकरीचं स्वप्न पाहणारे मराठी विद्यार्थी

नवशिके जर्मन शिकणारे आणि भाषा शिकण्यात रस असलेले वाचक

तांत्रिक आणि व्यावसायिक क्षेत्रात जर्मनची गरज असलेले युवक

आणि सर्वजण जे “मराठी विचारसरणीतून परदेशी भाषा आत्मसात” करू इच्छिता

जर्मन शिका आपल्या भाषेतून

Additional information

Additional information

Dimensions 24 × 16 × 3 cm
More Products

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Banking Regulation Act

200.00

This book has fulfilled the demand of banks/credit societies as it has draft with the important articles of Banking Regulation Act, giving explanation about all aspects dealing with it for the working of banks and credit-societies, along with its application in different circumstances. First each one is given in summary/abstract and later on in B R act (applied to the co-operative urban banks) in translation in Marathi. By reading the English part, everyone would be benefited.

Aapatti Vyavasthapan

180.00

The Misfortune either natural or man-made, one has to suffer more during its range if one is unaware. If we make premanagement of such misfortunes wisely, our physical and financial loss can be averted to some extent. Everyone needs therefore to know about the misfortune management. There is fullproof advice about this aspect presented in this book by colonal Abhaya Patwardhan. Each and every institute, private or (government) public must have a copy of this book.

Net Banking

125.00

Online banking, Mobile banking, A.T.M., Debit Card, Digital Signature etc., are the modern facilities, How they are to be properly used is the subject of this book. The techinique in the banking business can be easily worked out thereby. This is called as ‘Net Banking’

Marathi Kavyatirthe

40.00

In this book seven important poets in Marathi with their characteristic style has been made available. The poet are freedom fighter savarkar, Anil, Fock poet Manmohan, Balkavi etc. are included. One can get ample information in this tiny book.