Description
सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।
















Chakrvyuh
Nakshatra Maitri
Bhartiya Dhyan Parampara
Rashtra Chintan - Samaj Chintan
Jagatik Varsa Sthalancha Itihas
Bapmanus Ramaji
Prasangatun Vyakt Zalele Deendayal