Additional information
| Weight | 130 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 130 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
In order to release the poor farmers and other working class people from the of the money lenders, many efforts are bing clutches made. Maharashtra Savakari Adhiniyam 2014 is approved has come into effect is executed now. The original English and Marathi version of it is given in this book. The book has become easy and ready to handle as all laws and sub laws have been given. All those are related to the subject viz pleaders, clients co-operative institutions, worker in co-operative fields, students, writers etc can use it effectly.
To decide rate of interest or rate of interest on the loan, the initial price of that product or service is important and must be known. Therefore price fixation is important for working in banks and some such institutions. This book is useful for it.
महेश लातूरकर हे रहस्यकथा लेखक आणि इतिहास अभ्यासक असून प्रस्तुत पुस्तक हे त्यांचे दुसरे पुस्तक आहे.
त्यांनी लिहिलेल्या “शापित सौंदर्य” या गाजलेल्या रहस्यमय भय कादंबरीच्या दोन आवृत्ती प्रकाशित झाल्या आहेत. याच पुस्तकाकरिता त्यांना “भारतीय समाज विकास अकादमी” चा सन 2012 वर्षाचा उत्कृष्ट लेखक या पुरस्काराने सन्मानीत करण्यात आले आहे.
त्यांचे शिक्षण एम. कॉम ( फायनान्स ) आणि पीजी. डी. एफ. एम ( मुंबई विद्यापीठ ) असे झालेले आहे. तसेच यांना ज्योतिषाची आवड असून त्यांनी संशोधनात्मक “ज्योतिष आचार्य” आणि “अंकशास्त्रज्ञ” या पदव्या प्राप्त केलेल्या आहेत, या विषयांमध्ये ते पारंगत आहेत.
सध्या ते मागील काही वर्षापासून “छत्रपती संभाजी महाराज” यांच्या पूर्ण जीवनावर आधारित ऐतिहासिक कादंबरी लिहित आहेत.
लेखनासोबतच ते मराठी भाषा, मराठी शाळा आणि इतिहास संवर्धन, जतन संबंधित विविध संघटनांशी आणि चळवळीशी प्रत्यक्ष सहभागी असून कार्यरत आहेत.
कहाणी जिद्दीची ही कादंबरी एका सालस तरुणीची कथा आहे. केवळ मुलगा चांगला आहे म्हणून आई वडिलांच्या आग्रह खातर ती विवाहाला तयार होते. शिक्षण पुढे सुरु ठेवता येईल हीच त्यातली जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं त्या क्षेत्रातील, आणि हवं तेव्हढं शिक्षण घेते देखील. पण नवऱ्याच्या लहरी स्वभावाने तिला काय काय भोगाव लागतं… जेव्हा तिच्या सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिच्या जीवावर बेततं तेव्हा मात्र घर सोडून बाहेर पडण्याशिवाय पर्याय नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिक्स पक्षाप्रमाणे ती पुन्हा राखेतून उभी राहते. एकल पालकत्व निभावत पुढे जात राहते.उच्च विद्या विभूषित असलेल्या स्त्रीने प्रत्यक्षात अनुभवलेलं हे सारं … म्हणून तिच्या या जिद्दीची ही कहाणी .
India is the most ancient and cultured country in the would. The culture of India, which was most prosperious in ancient times, not only in Indian territory but all over the world in all continents. The proofs of it are becoming available to the learned. The book is a studious collection of articles on the subject, the reading of which makes one proud about our past.
पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।
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