Description
The changed Co-operative Rules after change in Co-operative 1920 due to constitutional a amendment are may must required by the Co-operative Societies. This is our efftort to do the needful.
The changed Co-operative Rules after change in Co-operative 1920 due to constitutional a amendment are may must required by the Co-operative Societies. This is our efftort to do the needful.
| Weight | 250 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
विषयांतर, हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ नागपूरचà¥à¤¯à¤¾ दैनिक तरà¥à¤£ à¤à¤¾à¤°à¤¤ मधà¥à¤¯à¥‡ ३०-३२ वरà¥à¤·à¤¾à¤‚पूरà¥à¤µà¥€ दीरà¥à¤˜à¤•ाळ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ विषयांतर, या सदरातील पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांचà¥à¤¯à¤¾ २ॠलेखांचा संगà¥à¤°à¤¹. मूळ जà¥à¤¨à¥à¤¯à¤¾ लेखातील विचार अधिक सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿ करणà¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾à¤ ी पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• लेखाचà¥à¤¯à¤¾ शेवटी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी, तà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥€à¤² विषयांशी सà¥à¤¸à¤‚गत ताजा कलम नवà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ लिहून जोडला आहे. यातील बहà¥à¤¸à¤‚खà¥à¤¯ लेखात तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी आपले अनà¥à¤à¤µ हलकà¥à¤¯à¤¾ फà¥à¤²à¤•à¥à¤¯à¤¾ विनोदी शैलीत मांडलेले आहेत. पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर à¤à¤• उतà¥à¤¤à¤® विडंबन कवी सà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾ आहेत. १९८३ साली पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤² फà¥à¤²à¥‡ या विडंबन कावà¥à¤¯ संगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤¤ पदà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤°à¥‚पात वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥€ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची शैली, गदà¥à¤¯ सà¥à¤µà¤°à¥‚पात विषयांतर मधà¥à¤¯à¥‡ दिसून येते.
आहे. विषयांतर सोबतच तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे आणखी à¤à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§à¤¹à¥€ पà¥à¤°à¤•ाशित होत
ते मà¥à¤³à¤¾à¤¤ विदà¥à¤¯à¥à¤¤ अà¤à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚तà¥à¤°à¤¿à¤•ी (Electrical Engineering) चे पà¥à¤°à¤¾à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• असले तरी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मराठी साहितà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥€à¤² योगदान पà¥à¤°à¤¶à¤‚सनीय आहे. पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांचà¥à¤¯à¤¾à¤œà¤µà¤³ अनà¥à¤à¤µà¤¾à¤‚चा आणखी पà¥à¤·à¥à¤•ळ साठा आहे व तो सà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ आगामी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ांचà¥à¤¯à¤¾ रूपात लवकरात लवकर यावा, अशी शà¥à¤à¥‡à¤šà¥à¤›à¤¾ मी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करतो.
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Everyone of us cames into contact with the shops often for this or that purpose, yet we are unaware about its working. We come accron some small shops and also we visit big and departmental stores. The question these shopkeepers have to face are discussed here in this book. Retail shops, smallest hand cart shop. (Theta) handelled by the owners are guided in different catagories such as place of the shop, the goods which are sold, price fixing, profit etc. This is the first book on this subject in Marathi, by a wellknown writer Shri. Dilip Godbole.
पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥‚गोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विà¤à¤¾à¤— में à¤à¥€ कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ à¤à¥€ कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ढंग से अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में à¤à¥€ उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से à¤à¥€ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।
The selected cases relating to banks is made available to bank related people and eg. Societies, Banks, Auditors, C.A. Pleader etc., in Marathi and to laymen/common people in this book people can get aware and enlightened through related work accordingly in them and can perform their banking and other financial, commercial field carefully and cautionary. The important case and their results have been mentioned.
सत शà¥à¤°à¥€ अकाल, दास अजीत सिंह à¤à¤²à¥à¤²à¤¾ सिख धरà¥à¤® के सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों और गà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤£à¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गहरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गà¥à¤°à¥à¤“ं के जीवन तथा गà¥à¤°à¤®à¤¤ विचारधारा का गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया है।
इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से लेखक का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ यà¥à¤µà¤¾ पीढ़ी तथा जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ पाठकों तक सिख गà¥à¤°à¥à¤“ं की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को सरल और सहज à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¤¾ है, ताकि वे गà¥à¤°à¥ परंपरा के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• और सामाजिक संदेश को समठसकें।
लेखक ने इससे पूरà¥à¤µ गà¥à¤°à¥ अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• लिखी है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ सिख गà¥à¤°à¥ और मराठा संतों की सामाजिक à¤à¥‚मिका पर आधारित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• “दो धाराà¤à¤ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ाश” à¤à¥€ लिखी है।
लेखन और अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के साथ-साथ लेखक धरà¥à¤®-पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° तथा समाज जागरण के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से संलगà¥à¤¨ हैं।
वाहेगà¥à¤°à¥ जी का खालसा।
वाहेगà¥à¤°à¥ जी की फतेह ।।
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