Devarshi Narad

₹80.00

One among the for mentality follower or souls (manipulation) of lord Brahmdeo and one among the eight immortal souls in Indian mythology, Narad was a variable personality well read in many shastras (disciplines), but her himself had considered high esteemed for the devotion towards God (Bhakti) and all the time remained a devotee. This one is the very first book written in Marathi on Narad Maharshi.

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Description

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One among the for mentality follower or souls (manipulation) of lord Brahmdeo and one among the eight immortal souls in Indian mythology, Narad was a variable personality well read in many shastras (disciplines), but her himself had considered high esteemed for the devotion towards God (Bhakti) and all the time remained a devotee. This one is the very first book written in Marathi on Narad Maharshi.

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Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Kamtha

₹250.00

नाव : रामदास सांडू पाडळे

सेवानिवृत्त ग्रामसेवक
हे माझे पहिलेच पुस्तक.. रानोमाळ फिरून बिबीच्या झाडावरील गोटे बिबे तोडून आणायचे. कामठ्यावर बसून गोटे फोडून त्यातील गोडांबी काढायची. व संसाराचा गाडा हाकायचा. असा परंपरागत व्यवसाय असलेल्या अजिंठा डोंगरकुशीतील आदिवासी कोळी समाजाच्या स्त्री-पुरुषांच्या जीवनातील सुख-दुःखे, मान-अपमान, जीवन संघर्ष, त्यांचे मनोविश्व टिपण्याचा प्रयत्न केला आहे. यात कितपत यश आले, हे वाचकांनी ठरवायचे आहे.

Akash Samrat Pakshi

₹70.00

Birds, the Emperor the sky of phylum aves have been described in this book in detail along with pictures. The classification of the birds and body structure is an interesting aspect of the book.

Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Shrimayurbhattavirchita Suryashatakam

₹100.00

By reading the lifestyle and thinking of the poet helps to know the inner forces of his personality. In this treaties we get the information of the time, work and life of the po?t Mayur. The importance of the sungod, being the original source of all happenings and a divine force of all lives on earth is praised in the suryashatak a long poem of 100 stanzas. The glorious rays, the chariot of sun God, the horses driving it, the driver Aaruni and solar system has been beautifully predicted in the form of melody in this book.

Kahani Jiddichi

₹300.00

कहाणी जिद्दीची ही कादंबरी एका सालस तरुणीची कथा आहे. केवळ मुलगा चांगला आहे म्हणून आई वडिलांच्या आग्रह खातर ती विवाहाला तयार होते. शिक्षण पुढे सुरु ठेवता येईल हीच त्यातली जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं त्या क्षेत्रातील, आणि हवं तेव्हढं शिक्षण घेते देखील. पण नवऱ्याच्या लहरी स्वभावाने तिला काय काय भोगाव लागतं… जेव्हा तिच्या सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिच्या जीवावर बेततं तेव्हा मात्र घर सोडून बाहेर पडण्याशिवाय पर्याय नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिक्स पक्षाप्रमाणे ती पुन्हा राखेतून उभी राहते. एकल पालकत्व निभावत पुढे जात राहते.उच्च विद्या विभूषित असलेल्या स्त्रीने प्रत्यक्षात अनुभवलेलं हे सारं … म्हणून तिच्या या जिद्दीची ही कहाणी .