Description

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मागील ३५ वर्षांपासून रविशंकर झिंगरे प्रायोगिक रंगभूमीसाठी सातत्याने लेखन करीत आहेत. कविता, चित्रपट कथा, पटकथा, संवाद आणि गीते या प्रवासात त्यांची लेखणी रमली, ती नाट्य लेखनात. मानवी मनाचा शोध घेण्यासाठी किंवा बदलत्या सामाजिक जाणीवांचा वेध घेण्यासाठी, नाटक या माध्यमाचा प्रभावी उपयोग ते करतात.
रविशंकर झिंगरे
गीतांजली या रवींद्रनाथ टागोर यांच्या नोबेल पारितोषिक प्राप्त कवितांचा हा भावानुवाद, त्यांच्या अंतर्मनातील प्रवाहांचा साक्षीदार आहे. मूळ कवितांमधील गेयता, परमेशाच्या भेटीची तळमळ आणि समर्पणाची भावना या अनुवादातून प्रकट होतेच, पण त्यासोबतच रवींद्रनाथांच्या शब्दातील सौंदर्य देखील प्रतिबिंबित होत रहातं.
रविशंकर झिंगरे परभणीच्या श्री शिवाजी महाविद्यालयातून इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाचे प्रमुख म्हणून सेवानिवृत्त झाले आहेत.

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Chirvijay Bhartiya Sthalsena

₹200.00

In this book the reader is enlightened about the structure, work and advantages of the military. Those who are interested in this subject would get ample information and others too will enjoy the reading for general Knowledge sake. One will be able to differentiate in Indian Army and in armed forces and know about the history and present day positions of army. Reading of the book may inspire and motivate the youth to join military. The book has also discussed the methods of selection of the Army by colonal Abhya Patwardhan

Akhand Bharat ke Swar

₹200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Shree Krushnachi Jeevansutre

₹40.00

The guidelines of lord Krishna in this book are focused on the law of Karma to be followed in daily life. When one’s mind is restless, the dictums in this book, help one as guidelines.

Akash Samrat Pakshi

₹70.00

Birds, the Emperor the sky of phylum aves have been described in this book in detail along with pictures. The classification of the birds and body structure is an interesting aspect of the book.

Aaruneyopanishad

₹20.00

The essence of Vedanta conceived in the Upanishadas are the expressions of the purest and heighted thoughts of the ancient rishis. Through them the cosmic viewpoint of the thinkers is revealed. The hidden meaning of them has been expressed in simple words of flowing language in Marathi by shri B. R. Modak. One of them is Aarunyopanishad.

Siddhstotramani -Vyadhinashak ani Chaitanyadayi Stotra Sangrah

₹550.00

डॉ. इंद्रायणी केदार जोशी
बी.ए.एम.एस., एम.डी. (आयु.) स्वस्थवृत्त एवं योग, डी.वाय.एन.डी. (योग, निसर्गोपचार एवं आहार विशेषज्ञ)
समग्र आरोग्य व जीवनशैली मार्गदर्शक विशेषज्ञ
आयुर्वेद व योग शास्त्रात अध्यापन, संशोधन व आरोग्य जनजागृती क्षेत्रात सक्रिय योगदान
इवा कॉलेज ऑफ आयुर्वेद येथे स्वस्थवृत्त एवं योग विभागात सहाय्यक प्राध्यापिका म्हणून कार्यरत
भारतीय शास्त्रीय संगीतावर आधारित संगीतोपचार तज्ञ (Clinical Music Therapist)
“कैवल्यनाद वेलनेस फाउंडेशन” (Music Therapy Education & Research Centre) संस्थापिका
“कैवल्यनाद म्युझिक अकॅडमी” संस्थापिका
कैवल्यनाद वेलनेस फाउंडेशन च्या म्युझिक थेरपी प्रमाणपत्र अभ्यासक्रमांच्या संचालिका व प्रशिक्षक
योग, मर्म थेरपी व गर्भसंस्कार विशेषज्ञ व प्रशिक्षक
आयुर्वेद, संगीतोपचार व समग्र आरोग्य विषयांवरील लेखिका व संशोधक
अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडळ, मिरज येथून “संगीत विशारद” आणि “संगीत अलंकार” (गायन) पदवी प्राप्त
महाराष्ट्र सुगम संगीत समिती, मुंबई- पुणे येथून “संगीत रत्न” (सुगम संगीत) पदवी प्राप्त
प्रकाशित पुस्तकेः
अनुभवांच्या आठवणी – मराठी काव्यसंग्रह (२०१५)
हृदयाची भावफुले मराठी काव्यसंग्रह (२०२०)