Description

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मागील ३५ वर्षांपासून रविशंकर झिंगरे प्रायोगिक रंगभूमीसाठी सातत्याने लेखन करीत आहेत. कविता, चित्रपट कथा, पटकथा, संवाद आणि गीते या प्रवासात त्यांची लेखणी रमली, ती नाट्य लेखनात. मानवी मनाचा शोध घेण्यासाठी किंवा बदलत्या सामाजिक जाणीवांचा वेध घेण्यासाठी, नाटक या माध्यमाचा प्रभावी उपयोग ते करतात.
रविशंकर झिंगरे
गीतांजली या रवींद्रनाथ टागोर यांच्या नोबेल पारितोषिक प्राप्त कवितांचा हा भावानुवाद, त्यांच्या अंतर्मनातील प्रवाहांचा साक्षीदार आहे. मूळ कवितांमधील गेयता, परमेशाच्या भेटीची तळमळ आणि समर्पणाची भावना या अनुवादातून प्रकट होतेच, पण त्यासोबतच रवींद्रनाथांच्या शब्दातील सौंदर्य देखील प्रतिबिंबित होत रहातं.
रविशंकर झिंगरे परभणीच्या श्री शिवाजी महाविद्यालयातून इलेक्ट्रॉनिक्स विभागाचे प्रमुख म्हणून सेवानिवृत्त झाले आहेत.

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Adbhut Pakshi Vishwa

₹140.00

How does a bird fly? How does it build a nest and how their breeding takes place are the queries of inquisitive men. In this book many such questions are answered. The collective life of the birds the meaning of their different chatter, twitter or tweet and other sounds made by them are the matters discussed with the scientific biological knowledge by Dr. Mrs. Pratibha Sahasrabuddhe in this book. We get knowledge of the Bird Kingdom through it.

Kimmat Vishleshan

₹150.00

To decide rate of interest or rate of interest on the loan, the initial price of that product or service is important and must be known. Therefore price fixation is important for working in banks and some such institutions. This book is useful for it.

Sahakari Paripatrake 2008 -12

₹350.00

The financial institution in the co-operative field viz urban co-operative banks, urban and other credit societies are controlled by co-operative commissions. Their business works according to the circulars of the commissioner. This the collection of such circulars of last five years. it is very difficult to search in for particular circular. Taking this difficulty into consideration this book on collection is published. This is a very basic need, so the book serves the most important aspect in management and banking section to simplify the purpose writer Anil Sambre

The Game of Affair

₹369.00

प्रेमभावना ही जीवनाची संजीवनी आहे. सहजपणे एकमेकांत मिसळून-समरसून जगण्याचा भावमूलक अध्याय आहे. म्हणूनच प्रेमाच्या वेदनेकडेसुद्धा सौंदर्यवादाच्या भूमिकेतून पाहिले जाते. परंतु प्रेमाच्या आणा-भाका घेतल्यावरही लग्नासारख्या पवित्र बंधनातून बाहेर पडून लग्नबाह्य संबंध ठेवणे, त्याला प्रेमाचे गोंडस नाव देऊन त्याच्या अस्तित्वासाठी वाट्टेल तसे वागणे, वासना व भावना यातील अंतर न कळणे आणि केलेल्या चुका पुन्हा दुरुस्त करण्याच्या आविर्भावातून नात्याची वीण घट्ट करण्याची उठाठेव करणे; असे कित्येकदा समाजजीवनात अनुभवायला मिळते. हेच वास्तवभान उर्मिला देवेन यांनी  ‘द गेम ऑफ अफेअर’ या कादंबरीत मार्मिकपणे मांडले आहे.

Samidha

₹50.00

This is one act play of Dr. Vadyalkar based on social sequence, the dialogues is which are very interesting.