Kamtha

250.00

नाव : रामदास सांडू पाडळे

सेवानिवृत्त ग्रामसेवक
हे माझे पहिलेच पुस्तक.. रानोमाळ फिरून बिबीच्या झाडावरील गोटे बिबे तोडून आणायचे. कामठ्यावर बसून गोटे फोडून त्यातील गोडांबी काढायची. व संसाराचा गाडा हाकायचा. असा परंपरागत व्यवसाय असलेल्या अजिंठा डोंगरकुशीतील आदिवासी कोळी समाजाच्या स्त्री-पुरुषांच्या जीवनातील सुख-दुःखे, मान-अपमान, जीवन संघर्ष, त्यांचे मनोविश्व टिपण्याचा प्रयत्न केला आहे. यात कितपत यश आले, हे वाचकांनी ठरवायचे आहे.

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नाव : रामदास सांडू पाडळे

सेवानिवृत्त ग्रामसेवक
हे माझे पहिलेच पुस्तक.. रानोमाळ फिरून बिबीच्या झाडावरील गोटे बिबे तोडून आणायचे. कामठ्यावर बसून गोटे फोडून त्यातील गोडांबी काढायची. व संसाराचा गाडा हाकायचा. असा परंपरागत व्यवसाय असलेल्या अजिंठा डोंगरकुशीतील आदिवासी कोळी समाजाच्या स्त्री-पुरुषांच्या जीवनातील सुख-दुःखे, मान-अपमान, जीवन संघर्ष, त्यांचे मनोविश्व टिपण्याचा प्रयत्न केला आहे. यात कितपत यश आले, हे वाचकांनी ठरवायचे आहे.

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Aapatti Vyavasthapan

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The Misfortune either natural or man-made, one has to suffer more during its range if one is unaware. If we make premanagement of such misfortunes wisely, our physical and financial loss can be averted to some extent. Everyone needs therefore to know about the misfortune management. There is fullproof advice about this aspect presented in this book by colonal Abhaya Patwardhan. Each and every institute, private or (government) public must have a copy of this book.

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One has to answer different types of questions in banking activity. The readymade answers are made available in the book. Questions and answers, where and now they are to be used all is made clear. About 1000 questions are provided with proper answers.

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अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

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There is ample literature writer by larned and great thinkers in India. In this book, we get a complied account about it.

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There is a need of introducing new type of games in the schools, personality, development camps, institution training of games. This book 365 new games has solved this problem, by introducing interesting new games. These games have seen arranged according to the need of changing atmosphere of different seasons (rainy, winter or summer)