Kanik Neeti

30.00

This book in Hindi is about Maharshi Kanik who was India’s grate political advisor. Political, commercial, industrial management guideline from Indian point a view are found in it, while studying about for thinking one can know precious vision of Indians simultaneously.

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Description

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This book in Hindi is about Maharshi Kanik who was India’s grate political advisor. Political, commercial, industrial management guideline from Indian point a view are found in it, while studying about for thinking one can know precious vision of Indians simultaneously.

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Weight 50 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Kumari Aasav

200.00

श्री मधुकर काळे हे प्राथमिक शाळेतील सेवानीवृत्त शिक्षक आहेत. वयाच्या ७९व्या वर्षी त्यांनी हे पुस्तक लिहिले आहे. इंग्रजी, मराठी, हिंदी, उर्दू व संस्कृत या भाषांचा त्यांना सखोल व्यासंग आहे. तसेच ते संमोहनशास्त्राचे जाणकार आहेत. याशिवाय विज्ञान, तत्त्वज्ञान, मानसशास्त्र आणि वैद्यकशास्त्र यांचाही त्यांनी अभ्यास केला आहे. त्यांचे जीवन साधे, पण प्रयोगशील आहे. हे पुस्तक त्यांच्या स्वतःच्या अनुभव, निरीक्षण आणि प्रयोगांवर आधारित आहे.

Mrutunjay Markandeya Rushi

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Markendeya rishi had become immortal by conquering the Death. He is the racegod of Padmshali Society. The life story of the ancients rishi, the fight and devotion of him along with the places where the temples are built for him, the pilgrims at the particular places etc are described in this book in detail. Shri. Vijay Yangalwar.

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पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Patsansthansathi Sahakari Paripatrake

350.00

The circulars for the co-operative financial fields, particularly during last twenty years are grouped in this book. There are in all 106 circulars included in the book. There are 160 pages in the smallest size 1/8 decimal. The book is thus made handy and easy to carry with 80 as to be used when needed.