Kumari Aasav

₹200.00

श्री मधुकर काळे हे प्राथमिक शाळेतील सेवानीवृत्त शिक्षक आहेत. वयाच्या ७९व्या वर्षी त्यांनी हे पुस्तक लिहिले आहे. इंग्रजी, मराठी, हिंदी, उर्दू व संस्कृत या भाषांचा त्यांना सखोल व्यासंग आहे. तसेच ते संमोहनशास्त्राचे जाणकार आहेत. याशिवाय विज्ञान, तत्त्वज्ञान, मानसशास्त्र आणि वैद्यकशास्त्र यांचाही त्यांनी अभ्यास केला आहे. त्यांचे जीवन साधे, पण प्रयोगशील आहे. हे पुस्तक त्यांच्या स्वतःच्या अनुभव, निरीक्षण आणि प्रयोगांवर आधारित आहे.

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Description

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श्री मधुकर काळे हे प्राथमिक शाळेतील सेवानीवृत्त शिक्षक आहेत. वयाच्या ७९व्या वर्षी त्यांनी हे पुस्तक लिहिले आहे. इंग्रजी, मराठी, हिंदी, उर्दू व संस्कृत या भाषांचा त्यांना सखोल व्यासंग आहे. तसेच ते संमोहनशास्त्राचे जाणकार आहेत. याशिवाय विज्ञान, तत्त्वज्ञान, मानसशास्त्र आणि वैद्यकशास्त्र यांचाही त्यांनी अभ्यास केला आहे. त्यांचे जीवन साधे, पण प्रयोगशील आहे. हे पुस्तक त्यांच्या स्वतःच्या अनुभव, निरीक्षण आणि प्रयोगांवर आधारित आहे.

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Weight 0.250 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Yash Denari 201 Sarth Subhashite

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In Sanskrit there are many aphorisms telling how to live peacefully a successful life. This book has compiled 201 of them. It is interesting, informative and adding wisdom to one?s personality. It can develop one culturally, as there are hints for the mannerism to be followed.

Patsanstha Formats

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The forms required by all credit societies for the loan, debt and other working are available here in this book. Different types of forms, documents for different purpose, information section, seizure department, branch sections, loan and debt section etc.

Hockey Jadugar Mejar Dhyanchand

₹30.00

This book is about the all time best hockey player Major Dhyanchand, Whose skillful play had amazed Hitlar. Hitler had offered Dhyanchand the post of general in his army. The book salutes the glorious majestic personality of the Indian hockey player Dhyanchand, who is honored all over the world had rejected the post for the Dr. Sanjay Khalatkar sake of India’s pride.

Maharshi Abhiyanta : Visheshwariyya

₹85.00

Mokshagundum Visheshwarayya who was rewarded Bharat Ratna is subject the book. His whole life contribution is assessed in this centenary book. The book is a source of insperation to all children, grownups and the old. There was no book avialable on such a great man in Marathi. This need in fulfilled by Shri. Vijay Yangalwar. Each architect, engineer and every citizen should read this book.