Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

SKU: 676 Category:
Description

Description

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Additional information

Additional information

Weight 0.250 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
More Products

Ganitachya Gamti Jamti

₹200.00

सर्वसाधारण माणसाच्या आणि विद्यार्थ्यांच्या मनात गणित विषयाबद्दलची एक प्रकारची भिती असते. विज्ञान एक वेळ चालेल परंतु गणित नको 95% व्यक्ती गणितापासून दूर जातात. गणित हा मनोरंजनाचा विषय आहे. हीच संकल्पना लोकांना पटत नाही परंतु गणिताच्या गमती जमती या पुस्तकातून वाचकांचे मनोरंजन करेल, त्यांची गणिताची भिती जाईल आणि त्यांना गणिताची आवड निर्माण करण्याची जादू या पुस्तकाच्या मुळाशी आहे. या पुस्तकातील गणितांना गणिताचे नाव न देता, त्यांना व्यवहारातील नावे दिली आहेत. जेणेकरून भावनिक जवळीक निर्माण व्हावी, ते आपलेसे वाटावे यासाठी. जसे की मित्र, एका नजरेत घायाळ, डोंबारी, नटरंग, कोळ्याचे जाळे, माझा लकी नंबर, रावण, हरिहरेश्वर, सुंदरता इत्यादी. तसेच मोठी गणितं डोळ्यांनी सोडवता येतील व त्याचा आनंद घेता येईल व गणिताची गोडी उत्पन्न होण्यास नक्कीच मदत होईल.
सर्व शास्त्रांचे मूळ गणित आहे. जगाला मोठी देणगी भारतीय गणिताने दिली ती म्हणजे शून्याचा शोध. गणित भारतात जन्मले व प्राचीन भारतातील गणित तज्ञांनी ते वाढवले व सर्व जगात पसरवले. हा इतिहास प्रत्येक भारतीयांपर्यत पोहोचवण्याचे कार्य झाले पाहिजे हीच खरी अपेक्षा बाळगतो.

Nakshalvadache Avhan

₹400.00

The problem of the challenge of the Naxalism is becoming unbearable and complicated day by day. The government and public both dont pay proper attention to this critical problem seriously. They dont know that the Naxalism is not just a problem to be handeled but it is a war in disguise. The Challenge of Naxalism is discussed with all its aspects with the help of pictures, the amount of loss of manpower with statistic in this book. What is to be done to deal with the problem is also discussed with an authoratative manner. -Brigadier Hemant Mahajan.

Nakshatra Bhumi

₹35.00

This is the 2 act drama book on the social problem written by prominent dramatist. The severe and dangerous problem frightening the young generation given it a social foresight.

Kumari Aasav

₹200.00

श्री मधुकर काळे हे प्राथमिक शाळेतील सेवानीवृत्त शिक्षक आहेत. वयाच्या ७९व्या वर्षी त्यांनी हे पुस्तक लिहिले आहे. इंग्रजी, मराठी, हिंदी, उर्दू व संस्कृत या भाषांचा त्यांना सखोल व्यासंग आहे. तसेच ते संमोहनशास्त्राचे जाणकार आहेत. याशिवाय विज्ञान, तत्त्वज्ञान, मानसशास्त्र आणि वैद्यकशास्त्र यांचाही त्यांनी अभ्यास केला आहे. त्यांचे जीवन साधे, पण प्रयोगशील आहे. हे पुस्तक त्यांच्या स्वतःच्या अनुभव, निरीक्षण आणि प्रयोगांवर आधारित आहे.

Nakshatra Maitri

₹80.00

In this book the planets visible through naked eyes are described with their diagrams in the sky. Each planet is shown with its respective space in the sky, supplied with the Greek story/legend associated with it. One can develop friendship with the planets after reading the book by famous science writer Dr. P.V. Khandekar.

Ithihas Mithak Ani Tathya

₹250.00

“इतिहासात काही जागा कायमच्या रीक्त असतात. तिथं असे काही बिंदू उपलब्ध असतात, ज्यांच्या पुढं आणि मागं बऱ्याच घटना लिखित स्वरूपात उपलब्ध असतात. पण नेमकं मोक्याच्या ठिकाणी शून्य असतं. तिथं इतिहास मौन पाळतो. त्या गाळलेल्या जागी असंच घडलं असावं, असं छातीठोकपणे सांगता येत नाही. अशा रीक्त जागा इतिहासकारांना कुणावरही अन्याय न करता साकल्यानं भरून काढता येतात. जसं की, तुम्ही एखाद्या मध्ययुगीन किल्ल्यावर गेलात, तर मध्येच अशा काही अंधारवाटा लागतात. तशा अंधारवाटा आपण गतायुष्यातील अनुभव आणि सहज तर्क लावून पार करतो. इतिहासाच्या क्षेत्रात सुद्धा विवेकाची किनार धरून अशा अंधारवाटा पार करता येतात. ते फार कठीण काम नाही. एखाद्या विशिष्ट प्रसंगी इतिहास बोलत नसेल तर त्याला वेगळ्या पद्धतीनं बोलतं करता येतं.”