Additional information
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
Starting from what is the gene? to what sort of fullphased change is made possible by the functions of genes is the subject of this book. One gets uptodate scientific information on all scientific aspects of working of genes in simple language with appropriate pictures. There are eight coloured pages contributed to show the steps in the discovery of genes by Dr. Pratibha Sahastrabuddhe, the writer.
पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने à¤à¥‚गोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विà¤à¤¾à¤— में à¤à¥€ कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ à¤à¥€ कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और à¤à¤¾à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤£ ढंग से अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में à¤à¥€ उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से à¤à¥€ समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾à¤“ं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अà¤à¤¿à¤µà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।
The president of India beloved of all Indians, the scientist of modern times known by the short word ?APJ? was really a king of people ( Rajarshi) in a democratic country. He ruled over the minds of people of India. An honest, humble, and attractive personality of this man has inspired all of us. This book tells about all of his abilities and precious deeds; A perspective profile adds to the honour of Indians.
The nobel prize is the highest one offered to the laureates in the field of literature, science, philosophy etc. The book gives information about the beginning of the prize, and also about these who have won it. The book is one such document in Marathi that everyone must read. Writer Prakash Manikpure
डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° देवदास बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡ यांचे कथा कावà¥à¤¯ नाटक ‘यशोधरा’ कथेतून हळूहळू à¤à¤• वेगळी, खोल आणि असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करणारी वाट उघडत जाते. हे नाटक इतिहासाला सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¥à¤¯à¤¾ नजरेतून नवà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ बघायला à¤à¤¾à¤— पाडते. या नाटà¥à¤¯à¤¾à¤¤ यशोधरा केवळ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ाची, मौनाची किंवा सहनशीलतेची सावली मà¥à¤¹à¤£à¥‚न उà¤à¥€ राहात नाही, तर ती विचार करते. पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ विचारते.
डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡
हे नाटक वाचताना सतत जाणवत राहते की तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची शैली काहीतरी वेगळे सà¥à¤šà¤µà¤¤à¥‡. कथेकरीचà¥à¤¯à¤¾ माधà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¤à¥‚न उलगडत जाणारे हे नाटà¥à¤¯ शबà¥à¤¦à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ पलीकडे जाऊन वाचकाचà¥à¤¯à¤¾ मनाला आणि मेंदूला अंतरà¥à¤®à¥à¤– करते. यशोधरा हे पारंपरिक अरà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‡ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• नाटक नाही; तसेच ते केवळ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¦à¥€ घोषणा करणारे लेखनही नाही.
कथाकावà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ या अनोखà¥à¤¯à¤¾ शैलीतून असे नाटà¥à¤¯ लिहिणे आणि सादर करणे अतà¥à¤¯à¤‚त आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आहे. ‘यशोधरा’ साठी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी केलेले सखोल संशोधन, विविध दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोनांतून केलेले चिंतन, मनन आणि वैचारिक पà¥à¤°à¤—लà¥à¤à¤¤à¤¾ यांचा हा परिपाक आहे. जे वाचकांना केवळ à¤à¤• अनà¥à¤à¤µà¤š देत नाही, तर à¤à¤• नवी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वैचारिक दृषà¥à¤Ÿà¥€ देते.
Select at least 2 products
to compare