Nakshatra Bhumi

35.00

This is the 2 act drama book on the social problem written by prominent dramatist. The severe and dangerous problem frightening the young generation given it a social foresight.

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Description

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This is the 2 act drama book on the social problem written by prominent dramatist. The severe and dangerous problem frightening the young generation given it a social foresight.

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Weight 30 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Kanik Neeti

30.00

This book in Hindi is about Maharshi Kanik who was India’s grate political advisor. Political, commercial, industrial management guideline from Indian point a view are found in it, while studying about for thinking one can know precious vision of Indians simultaneously.

Ganitachya Gamti Jamti

200.00

सरà¥à¤µà¤¸à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¤£ माणसाचà¥à¤¯à¤¾ आणि विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ मनात गणित विषयाबदà¥à¤¦à¤²à¤šà¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ारची भिती असते. विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤• वेळ चालेल परंतॠगणित नको 95% वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¥€ गणितापासून दूर जातात. गणित हा मनोरंजनाचा विषय आहे. हीच संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ लोकांना पटत नाही परंतॠगणिताचà¥à¤¯à¤¾ गमती जमती या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ातून वाचकांचे मनोरंजन करेल, तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची गणिताची भिती जाईल आणि तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना गणिताची आवड निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ जादू या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ाचà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤³à¤¾à¤¶à¥€ आहे. या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ातील गणितांना गणिताचे नाव न देता, तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¾à¤¤à¥€à¤² नावे दिली आहेत. जेणेकरून भावनिक जवळीक निरà¥à¤®à¤¾à¤£ वà¥à¤¹à¤¾à¤µà¥€, ते आपलेसे वाटावे यासाठी. जसे की मितà¥à¤°, à¤à¤•ा नजरेत घायाळ, डोंबारी, नटरंग, कोळà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ जाळे, माà¤à¤¾ लकी नंबर, रावण, हरिहरेशà¥à¤µà¤°, सà¥à¤‚दरता इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥€. तसेच मोठी गणितं डोळà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी सोडवता येतील व तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ आनंद घेता येईल व गणिताची गोडी उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होणà¥à¤¯à¤¾à¤¸ नकà¥à¤•ीच मदत होईल.
सरà¥à¤µ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤‚चे मूळ गणित आहे. जगाला मोठी देणगी भारतीय गणिताने दिली ती मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ शूनà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ शोध. गणित भारतात जनà¥à¤®à¤²à¥‡ व पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ भारतातील गणित तजà¥à¤žà¤¾à¤‚नी ते वाढवले व सरà¥à¤µ जगात पसरवले. हा इतिहास पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• भारतीयांपरà¥à¤¯à¤¤ पोहोचवणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ कारà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤²à¥‡ पाहिजे हीच खरी अपेकà¥à¤·à¤¾ बाळगतो.

Manakshar

249.00

पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भूगोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विभाग में भी कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ भी कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤­à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूरà¥à¤£ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विभिनà¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विभिनà¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से भी समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।

Patsanstha Dhorne

350.00

Like the urban banks law the credit societies establish policies written form on subjects. It has become compulsory and necessary also the coming days the need about the knowledge about it is increasing. The ready made policy writer Avinash shaligram has written the book for credit societies also, take these policies and use them for your institution is the motto of the book