Nayee Soch

60.00

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Weight 30 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Bhartiya Dhyan Parampara

300.00

“भारतीय जà¥à¤žà¤¾à¤¨ परंपरा: à¤à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•à¥à¤·à¥‡à¤ª” हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• भारतभूमीचà¥à¤¯à¤¾ अखंड आणि समृदà¥à¤§ बौदà¥à¤§à¤¿à¤• वारशाचा परिचय करून देणारे आहे. भारताचा इतिहास हा केवळ सामà¥à¤°à¤¾à¤œà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे उदय-असà¥à¤¤ आणि यà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾à¤‚चे जय-पराजय यापà¥à¤°à¤¤à¤¾ मरà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¿à¤¤ नसून, तो जà¥à¤žà¤¾à¤¨, ततà¥à¤¤à¥à¤µà¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, विजà¥à¤žà¤¾à¤¨, कला आणि संसà¥à¤•ृतीचा अखंड पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ आहे. या गà¥à¤°à¤‚थातून वाचकाला वेद, उपनिषदे, पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤•था, पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ ततà¥à¤¤à¥à¤µà¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, गणित, खगोलशासà¥à¤¤à¥à¤°, रसायनशासà¥à¤¤à¥à¤°, धातà¥à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨, कला, वासà¥à¤¤à¥à¤•ला तसेच तकà¥à¤·à¤¶à¤¿à¤²à¤¾-नालंदा यांसारखà¥à¤¯à¤¾ विदà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€à¤ à¤¾à¤‚ची ओळख होईल.

Manakshar

249.00

पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भूगोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विभाग में भी कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ भी कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤­à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूरà¥à¤£ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विभिनà¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विभिनà¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से भी समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।

Chirvijay Bhartiya Sthalsena

200.00

In this book the reader is enlightened about the structure, work and advantages of the military. Those who are interested in this subject would get ample information and others too will enjoy the reading for general Knowledge sake. One will be able to differentiate in Indian Army and in armed forces and know about the history and present day positions of army. Reading of the book may inspire and motivate the youth to join military. The book has also discussed the methods of selection of the Army by colonal Abhya Patwardhan

Kamtha

250.00

नाव : रामदास सांडू पाडळे

सेवानिवृतà¥à¤¤ गà¥à¤°à¤¾à¤®à¤¸à¥‡à¤µà¤•
हे माà¤à¥‡ पहिलेच पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•.. रानोमाळ फिरून बिबीचà¥à¤¯à¤¾ à¤à¤¾à¤¡à¤¾à¤µà¤°à¥€à¤² गोटे बिबे तोडून आणायचे. कामठà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤° बसून गोटे फोडून तà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥€à¤² गोडांबी काढायची. व संसाराचा गाडा हाकायचा. असा परंपरागत वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯ असलेलà¥à¤¯à¤¾ अजिंठा डोंगरकà¥à¤¶à¥€à¤¤à¥€à¤² आदिवासी कोळी समाजाचà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€-पà¥à¤°à¥à¤·à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ जीवनातील सà¥à¤–-दà¥à¤ƒà¤–े, मान-अपमान, जीवन संघरà¥à¤·, तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मनोविशà¥à¤µ टिपणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ केला आहे. यात कितपत यश आले, हे वाचकांनी ठरवायचे आहे.