Additional information
| Weight | 0.300 kg |
|---|---|
| Dimensions | 24 × 16 × 3 cm |
| Weight | 0.300 kg |
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| Dimensions | 24 × 16 × 3 cm |
There is ample literature writer by larned and great thinkers in India. In this book, we get a complied account about it.
पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ ही जीवनाची संजीवनी आहे. सहजपणे à¤à¤•मेकांत मिसळून-समरसून जगणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ à¤à¤¾à¤µà¤®à¥‚लक अधà¥à¤¯à¤¾à¤¯ आहे. मà¥à¤¹à¤£à¥‚नच पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ वेदनेकडेसà¥à¤¦à¥à¤§à¤¾ सौंदरà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¦à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‚मिकेतून पाहिले जाते. परंतॠपà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ आणा-à¤à¤¾à¤•ा घेतलà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤°à¤¹à¥€ लगà¥à¤¨à¤¾à¤¸à¤¾à¤°à¤–à¥à¤¯à¤¾ पवितà¥à¤° बंधनातून बाहेर पडून लगà¥à¤¨à¤¬à¤¾à¤¹à¥à¤¯ संबंध ठेवणे, तà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ पà¥à¤°à¥‡à¤®à¤¾à¤šà¥‡ गोंडस नाव देऊन तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤¸à¤¾à¤ ी वाटà¥à¤Ÿà¥‡à¤² तसे वागणे, वासना व à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ यातील अंतर न कळणे आणि केलेलà¥à¤¯à¤¾ चà¥à¤•ा पà¥à¤¨à¥à¤¹à¤¾ दà¥à¤°à¥à¤¸à¥à¤¤ करणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ आविरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¾à¤¤à¥‚न नातà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ वीण घटà¥à¤Ÿ करणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ उठाठेव करणे; असे कितà¥à¤¯à¥‡à¤•दा समाजजीवनात अनà¥à¤à¤µà¤¾à¤¯à¤²à¤¾ मिळते. हेच वासà¥à¤¤à¤µà¤à¤¾à¤¨ उरà¥à¤®à¤¿à¤²à¤¾ देवेन यांनी ‘द गेम ऑफ अफेअर’ या कादंबरीत मारà¥à¤®à¤¿à¤•पणे मांडले आहे.
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
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