Puran Parichay

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In this book all the eighteen Puranas have been describes as to become available to the new generation. It includes the historical information side by side.

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In this book all the eighteen Puranas have been describes as to become available to the new generation. It includes the historical information side by side.

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Weight 50 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Yashodhara

200.00

डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° देवदास बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡ यांचे कथा कावà¥à¤¯ नाटक ‘यशोधरा’ कथेतून हळूहळू à¤à¤• वेगळी, खोल आणि असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करणारी वाट उघडत जाते. हे नाटक इतिहासाला सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¥à¤¯à¤¾ नजरेतून नवà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ बघायला भाग पाडते. या नाटà¥à¤¯à¤¾à¤¤ यशोधरा केवळ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ाची, मौनाची किंवा सहनशीलतेची सावली मà¥à¤¹à¤£à¥‚न उभी राहात नाही, तर ती विचार करते. पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ विचारते.
डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡
हे नाटक वाचताना सतत जाणवत राहते की तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची शैली काहीतरी वेगळे सà¥à¤šà¤µà¤¤à¥‡. कथेकरीचà¥à¤¯à¤¾ माधà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¤à¥‚न उलगडत जाणारे हे नाटà¥à¤¯ शबà¥à¤¦à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ पलीकडे जाऊन वाचकाचà¥à¤¯à¤¾ मनाला आणि मेंदूला अंतरà¥à¤®à¥à¤– करते. यशोधरा हे पारंपरिक अरà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‡ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• नाटक नाही; तसेच ते केवळ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¦à¥€ घोषणा करणारे लेखनही नाही.
कथाकावà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ या अनोखà¥à¤¯à¤¾ शैलीतून असे नाटà¥à¤¯ लिहिणे आणि सादर करणे अतà¥à¤¯à¤‚त आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आहे. ‘यशोधरा’ साठी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी केलेले सखोल संशोधन, विविध दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोनांतून केलेले चिंतन, मनन आणि वैचारिक पà¥à¤°à¤—लà¥à¤­à¤¤à¤¾ यांचा हा परिपाक आहे. जे वाचकांना केवळ à¤à¤• अनà¥à¤­à¤µà¤š देत नाही, तर à¤à¤• नवी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वैचारिक दृषà¥à¤Ÿà¥€ देते.

Eka Bhuvaidnyanikachi Bhraman Gatha

200.00

शà¥à¤°à¥€ राजीव हिंगवे शà¥à¤°à¥€ राजीव हिंगवे, हे सिवà¥à¤¹à¤¿à¤² इंजिनियर असून ते गेली 40 वरà¥à¤·à¥‡ बांधकाम वà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¿à¤• (Builder) मà¥à¤¹à¤£à¥‚न नागपूर, पà¥à¤£à¥‡ येथे पà¥à¤°à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¤ आहेत. मराठी वाचनाचà¥à¤¯à¤¾ आवडीमà¥à¤³à¥‡ 2022 मधà¥à¤¯à¥‡ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी मराठीत M.A केले व सधà¥à¤¯à¤¾ PhD ची तयारी अंतिम टपà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤° आली आहे. शà¥à¤°à¥€ राजीव हिंगवे मागील चाळीस वरà¥à¤·à¤¾à¤‚पासून आ. बाबासाहेबांशी à¤à¤• भकà¥à¤¤ मà¥à¤¹à¤£à¥‚न जà¥à¤³à¤²à¥‡ आहेत व […]

Manakshar

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पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भूगोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विभाग में भी कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ भी कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤­à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूरà¥à¤£ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विभिनà¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विभिनà¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से भी समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।

Gadgebabanchya Sahvasat

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Gadge Baba was not an organizer of propagator of the religion or a saint. He was social worker who moved in the society and taught people about social uplift and the methods to be observed for it. He taught the people the fundamental and basic links of life and worked as an angel. He was moving educational institute, who worked alone, and made people to follow him for the cause of society. The book tells about the experiments made him and the odds faced by him. The information in the book would benefit social workers in particular.

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The changes in the co-operative laws according to the 97 amendment in the constitutions of India with simplifications of laws is available in this book.