Rang Mazya Jivanache

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Weight 300 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Kahani Jiddichi

₹300.00

कहाणी जिद्दीची ही कादंबरी एका सालस तरुणीची कथा आहे. केवळ मुलगा चांगला आहे म्हणून आई वडिलांच्या आग्रह खातर ती विवाहाला तयार होते. शिक्षण पुढे सुरु ठेवता येईल हीच त्यातली जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं त्या क्षेत्रातील, आणि हवं तेव्हढं शिक्षण घेते देखील. पण नवऱ्याच्या लहरी स्वभावाने तिला काय काय भोगाव लागतं… जेव्हा तिच्या सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिच्या जीवावर बेततं तेव्हा मात्र घर सोडून बाहेर पडण्याशिवाय पर्याय नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिक्स पक्षाप्रमाणे ती पुन्हा राखेतून उभी राहते. एकल पालकत्व निभावत पुढे जात राहते.उच्च विद्या विभूषित असलेल्या स्त्रीने प्रत्यक्षात अनुभवलेलं हे सारं … म्हणून तिच्या या जिद्दीची ही कहाणी .

Sahakar Kaydyatil Nave Badal

₹200.00

The changes in the co-operative laws according to the 97 amendment in the constitutions of India with simplifications of laws is available in this book.

Dr. Homi Bhaba

₹100.00

The grate scientist of this from India, Dr. Homi Bhabha, who established many scientific institutions during his life and many promising scientist have gained inspiration from him, When he was alive and even after death. He has remained a source of inspiration. This book is a homage with all possible information about his life and his devotion to science. It includes various pictures related to his dicoveries and inventions.

Kisan Niyojak

₹100.00

This treatise is an ought for are and all farmers. It includes the chart for wages for a week, month and year, including what the workers on daily wages, monthly and yearly wages are to be given and what they had taken in advance from time to time, There are also charts for the regular work and service to be done in fields and duties towards material used, pesticides and other that vie tractor, harrow plough and also about the care to be taken about them and the animals related to forming. The income, outgoing food material, and the balance all can be written and kept in order through this book com diary.

Suvachne Tukobanchi

₹200.00

लेखक परिचय –
32 वर्षे विज्ञान विषय शिकवण्याचा अनुभव.
ग्रामीण भागात वाचन संस्कृती रुजवण्यासाठी मोफत पुस्तक भिशी योजनेचे जनक.
वैज्ञानिक दृष्टिकोन रुजवण्यासाठी आदिवासी भागामध्ये अनेक उपक्रमांचे आयोजन.
शासनामार्फत आयोजित तालुका व जिल्हास्तरीय विज्ञान प्रदर्शन आयोजनात मोलाचा वाटा.
विविध विषयावर महाराष्ट्रातील विविध भागात दिडहजार पेक्षा जास्त मोफत व्याख्याने.
शासन व विविध संस्थांचे 150 पेक्षा जास्त आदर्श शिक्षक पुरस्कार.
मूल्य शिक्षणावर आधारित “ज्ञान कण “,
शास्त्रज्ञ परिचय करून देणारे “विज्ञान प्रेरणा ” या दोन पुस्तकांचे लेखन.
कविता मूलद्रव्याची हा काव्यसंग्रह प्रकाशित.
कविता शास्त्रज्ञांच्या व कविता जाणिवांच्या हे दोन ई- बुक कविता संग्रह प्रकाशित.
कविता मूलद्रव्याची या मराठी काव्यसंग्रहाचे इंग्रजी व फिलिपिनो भाषेत रूपांतर.

Akhand Bharat ke Swar

₹200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।