Saad

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Weight 140 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Swayampak Gharatil Aushodhopachar

₹50.00

In our Kitchen, there are many such things available, which are useful as medicines, Vaidya Shri. R. M. Pujari has given fall information about the household materials and then medical importance, with the hints useful to every housewife.

German Bhasha Guru

₹250.00

“मराठीतून जर्मन – शिकणं आता सौपं” “भाषा ही फक्त संवादाचं साधन नाही ती नव्या संस्कृतीकडे आणि नव्या संधींकडे नेणारं दार आहे.” आज अत्यंत आनंद आणि अभिमान वाटतो की “जर्मन भाषा गुरु” हे पुस्तक अधिकृतपणे प्रकाशित होत आहे. हे पुस्तक खास मराठी विद्यार्थ्यांसाठी तयार केलेले आहे, जे जर्मन भाषा शिकू इच्छितात पण इंग्रजी माध्यमामुळे अडचण अनुभवतात. […]

Patsansthansathi Sahakari Paripatrake

₹350.00

The circulars for the co-operative financial fields, particularly during last twenty years are grouped in this book. There are in all 106 circulars included in the book. There are 160 pages in the smallest size 1/8 decimal. The book is thus made handy and easy to carry with 80 as to be used when needed.

Tav Tejacha Ek Ansh De

₹200.00

छत्रपती शिवाजी महाराजांचे कार्य म्हणजे केवळ इतिहासातील पराक्रम नव्हे, तर राष्ट्रनिर्मितीचा जाज्वल्य आदर्श आहे.
शेतात चांगले पीक यावे यासाठी काही बियाणे मातीखाली गाडावी लागतात; त्याचप्रमाणे महाराजांनी आणि त्यांच्या संपूर्ण घराण्याने महाराष्ट्रासाठी अतुलनीय त्याग केला. हा त्याग आपण कधीही विसरता कामा नये. आज त्यांच्या नावाचा केवळ जयघोष करून थांबणे पुरेसे नाही; त्यांनी राष्ट्रनिर्मितीसाठी जे कार्य केले, ते पुढे नेणे हीच आपली खरी जबाबदारी आहे. त्यामुळे त्यांना फक्त डोक्यावर घेण्यापेक्षा, डोक्यात घेण्याची वेळ आता आली आहे.
त्यांचा पराक्रम अतुलनीय होता, पण आपण स्वतःला त्यांचे वारसदार म्हणवून घेत असताना, आपण समाजासाठी काय कार्य करतो, हे पाहणे तितकेच आवश्यक आहे..
आपण महाराज होऊ शकत नाही; पण त्यांच्या कर्तृत्वातील गुणांचा अंगीकार करून त्यांचे खरे वारसदार होण्याचा प्रयत्न नक्कीच करू शकतो.
जयघोषापेक्षा आचरणात शिवराय जिवंत ठेवणे, हीच खरी शिवभक्ती.