Additional information
| Weight | 140 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 140 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
लेखक परिचय –
32 वरà¥à¤·à¥‡ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ विषय शिकवणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ अनà¥à¤à¤µ.
गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ à¤à¤¾à¤—ात वाचन संसà¥à¤•ृती रà¥à¤œà¤µà¤£à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾à¤ ी मोफत पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• à¤à¤¿à¤¶à¥€ योजनेचे जनक.
वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोन रà¥à¤œà¤µà¤£à¥à¤¯à¤¾à¤¸à¤¾à¤ ी आदिवासी à¤à¤¾à¤—ामधà¥à¤¯à¥‡ अनेक उपकà¥à¤°à¤®à¤¾à¤‚चे आयोजन.
शासनामारà¥à¤«à¤¤ आयोजित तालà¥à¤•ा व जिलà¥à¤¹à¤¾à¤¸à¥à¤¤à¤°à¥€à¤¯ विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¤¦à¤°à¥à¤¶à¤¨ आयोजनात मोलाचा वाटा.
विविध विषयावर महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¤à¥€à¤² विविध à¤à¤¾à¤—ात दिडहजार पेकà¥à¤·à¤¾ जासà¥à¤¤ मोफत वà¥à¤¯à¤¾à¤–à¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡.
शासन व विविध संसà¥à¤¥à¤¾à¤‚चे 150 पेकà¥à¤·à¤¾ जासà¥à¤¤ आदरà¥à¤¶ शिकà¥à¤·à¤• पà¥à¤°à¤¸à¥à¤•ार.
मूलà¥à¤¯ शिकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤µà¤° आधारित “जà¥à¤žà¤¾à¤¨ कण “,
शासà¥à¤¤à¥à¤°à¤œà¥à¤ž परिचय करून देणारे “विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ ” या दोन पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ांचे लेखन.
कविता मूलदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ हा कावà¥à¤¯à¤¸à¤‚गà¥à¤°à¤¹ पà¥à¤°à¤•ाशित.
कविता शासà¥à¤¤à¥à¤°à¤œà¥à¤žà¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ व कविता जाणिवांचà¥à¤¯à¤¾ हे दोन ई- बà¥à¤• कविता संगà¥à¤°à¤¹ पà¥à¤°à¤•ाशित.
कविता मूलदà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ या मराठी कावà¥à¤¯à¤¸à¤‚गà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤šà¥‡ इंगà¥à¤°à¤œà¥€ व फिलिपिनो à¤à¤¾à¤·à¥‡à¤¤ रूपांतर.
Misfortune or calamity caused naturally or by unawareness make us suffer physically and financially, If we can make management of the misfortune, We suffer less. Therefore the norms of easy management of misfortune is needed. In this book you got foolproof guidance by an expert like colonel Abhay Patwardhan. The book is a must for each student of any faculty.
In this book scientific study about the history of Matang tribal Society, the changes it came across after the Indian indipendence in comparision with other tribals, the questions it is facing today and the answers of its progressive march are discussed in an instructive and attractive manner.-Dr. Ashru Jadhav,
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