Description
Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.
Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.
| Weight | 100 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
The world astronomers listed in this book belong to the ancient times. Inall 49 astronomirs have been described who have added valuable knowledge to the science. The work they had done along with their life stories can be read in this book. There are 13 Indian astronomers among 49 in total. Shri. Prakash Manikpure is the writer of the book.
सरà¥à¤µà¤¸à¤¾à¤§à¤¾à¤°à¤£ माणसाचà¥à¤¯à¤¾ आणि विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ मनात गणित विषयाबदà¥à¤¦à¤²à¤šà¥€ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ारची à¤à¤¿à¤¤à¥€ असते. विजà¥à¤žà¤¾à¤¨ à¤à¤• वेळ चालेल परंतॠगणित नको 95% वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¥€ गणितापासून दूर जातात. गणित हा मनोरंजनाचा विषय आहे. हीच संकलà¥à¤ªà¤¨à¤¾ लोकांना पटत नाही परंतॠगणिताचà¥à¤¯à¤¾ गमती जमती या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ातून वाचकांचे मनोरंजन करेल, तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची गणिताची à¤à¤¿à¤¤à¥€ जाईल आणि तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना गणिताची आवड निरà¥à¤®à¤¾à¤£ करणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ जादू या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ाचà¥à¤¯à¤¾ मà¥à¤³à¤¾à¤¶à¥€ आहे. या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ातील गणितांना गणिताचे नाव न देता, तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना वà¥à¤¯à¤µà¤¹à¤¾à¤°à¤¾à¤¤à¥€à¤² नावे दिली आहेत. जेणेकरून à¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¿à¤• जवळीक निरà¥à¤®à¤¾à¤£ वà¥à¤¹à¤¾à¤µà¥€, ते आपलेसे वाटावे यासाठी. जसे की मितà¥à¤°, à¤à¤•ा नजरेत घायाळ, डोंबारी, नटरंग, कोळà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ जाळे, माà¤à¤¾ लकी नंबर, रावण, हरिहरेशà¥à¤µà¤°, सà¥à¤‚दरता इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥€. तसेच मोठी गणितं डोळà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी सोडवता येतील व तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ आनंद घेता येईल व गणिताची गोडी उतà¥à¤ªà¤¨à¥à¤¨ होणà¥à¤¯à¤¾à¤¸ नकà¥à¤•ीच मदत होईल.
सरà¥à¤µ शासà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤‚चे मूळ गणित आहे. जगाला मोठी देणगी à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ गणिताने दिली ती मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ शूनà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ शोध. गणित à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤¾à¤¤ जनà¥à¤®à¤²à¥‡ व पà¥à¤°à¤¾à¤šà¥€à¤¨ à¤à¤¾à¤°à¤¤à¤¾à¤¤à¥€à¤² गणित तजà¥à¤žà¤¾à¤‚नी ते वाढवले व सरà¥à¤µ जगात पसरवले. हा इतिहास पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯à¤¾à¤‚परà¥à¤¯à¤¤ पोहोचवणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ कारà¥à¤¯ à¤à¤¾à¤²à¥‡ पाहिजे हीच खरी अपेकà¥à¤·à¤¾ बाळगतो.
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