Sastan Prani

₹70.00

Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

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Description

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Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

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Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Yamduti Sunami

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A messenger of Death what is tsunami frightful cyclone that has thrilled the world of this book provides information in an illustrates and scientific form. The writer is lieutanant G.B. Serdesai

Suvachne Tukobanchi

₹200.00

लेखक परिचय –
32 वर्षे विज्ञान विषय शिकवण्याचा अनुभव.
ग्रामीण भागात वाचन संस्कृती रुजवण्यासाठी मोफत पुस्तक भिशी योजनेचे जनक.
वैज्ञानिक दृष्टिकोन रुजवण्यासाठी आदिवासी भागामध्ये अनेक उपक्रमांचे आयोजन.
शासनामार्फत आयोजित तालुका व जिल्हास्तरीय विज्ञान प्रदर्शन आयोजनात मोलाचा वाटा.
विविध विषयावर महाराष्ट्रातील विविध भागात दिडहजार पेक्षा जास्त मोफत व्याख्याने.
शासन व विविध संस्थांचे 150 पेक्षा जास्त आदर्श शिक्षक पुरस्कार.
मूल्य शिक्षणावर आधारित “ज्ञान कण “,
शास्त्रज्ञ परिचय करून देणारे “विज्ञान प्रेरणा ” या दोन पुस्तकांचे लेखन.
कविता मूलद्रव्याची हा काव्यसंग्रह प्रकाशित.
कविता शास्त्रज्ञांच्या व कविता जाणिवांच्या हे दोन ई- बुक कविता संग्रह प्रकाशित.
कविता मूलद्रव्याची या मराठी काव्यसंग्रहाचे इंग्रजी व फिलिपिनो भाषेत रूपांतर.

Karan Karya Siddhant

₹399.00

डॉ. सुनीलदत्त गवरे यांचे “कारणकार्याविषयीचे” हे लेखन अनेक कारणांनी महत्त्वपूर्ण आणि स्तुत्य ठरते. निवडलेला विषय तत्त्वज्ञानाच्या अभ्यासात मूलभूत असून, मराठीत त्यावर सविस्तर विवेचन क्वचितच आढळते. या ग्रंथात पाश्चात्य आणि पौर्वात्य तत्त्वज्ञानातील कारणसंकल्पना सखोल, साधार व अभ्यासपूर्ण पद्धतीने स्पष्ट केली आहे.

Akhand Bharat ke Swar

₹200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।