Sastan Prani

70.00

Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

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Description

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Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

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Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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ON THE ROAD A Pan-India Quest

300.00

A Journey from Frontier to Frontier:  Across the Soul of India From the Eastern Dawn to the Western Horizon and from Kashmir’s icy heights to Kanyakumari’s oceanic edge, this book is a breathtaking chronicle of one man’s self-driven odyssey across India’s vast and varied frontiers. Through vivid reflections and sharp-eyed observations, the author captures the […]

Bhagyaresha

150.00

“‘भाग्यरेषा’ काव्यसंग्रहाची खास वैशिष्ट्ये

निसर्गाचा आल्हाद आणि बदलते रूप

सामाजिक जीवनातील खदखद व वास्तव

आध्यात्मिक उंची आणि अंधश्रद्धेवर प्रहार

स्त्रीचे रूप, व्यथा आणि सामर्थ्य

भ्रष्टाचार, राजकारण, शेतकरी व समाजातील समस्या

भावनांची विविधता – कोमल भावस्पर्शी कविता, तितक्याच प्रभावी सामाजिक आणि विचारप्रवर्तक कविता.

अद्वितीय शब्दफेक आणि लयबद्धता – प्रत्येक कवितेतून उमलणारा नवा भावार्थ.

‘भाग्यरेषा’ : जीवनाचे सार शब्दबद्ध करणारा काव्यसंग्रह”

Maharshi Bhrugu

60.00

MaharshiBhrugu is a symbol of the highest genious of human intellect. He was profecient in many fields of knowledge. His was the fundamental research work in many ancient scientific branches. The full-phased description about the life and astonishing work can be read in this book by Shri. Vijay Yangalwar.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

The Game of Affair

369.00

प्रेमभावना ही जीवनाची संजीवनी आहे. सहजपणे एकमेकांत मिसळून-समरसून जगण्याचा भावमूलक अध्याय आहे. म्हणूनच प्रेमाच्या वेदनेकडेसुद्धा सौंदर्यवादाच्या भूमिकेतून पाहिले जाते. परंतु प्रेमाच्या आणा-भाका घेतल्यावरही लग्नासारख्या पवित्र बंधनातून बाहेर पडून लग्नबाह्य संबंध ठेवणे, त्याला प्रेमाचे गोंडस नाव देऊन त्याच्या अस्तित्वासाठी वाट्टेल तसे वागणे, वासना व भावना यातील अंतर न कळणे आणि केलेल्या चुका पुन्हा दुरुस्त करण्याच्या आविर्भावातून नात्याची वीण घट्ट करण्याची उठाठेव करणे; असे कित्येकदा समाजजीवनात अनुभवायला मिळते. हेच वास्तवभान उर्मिला देवेन यांनी  ‘द गेम ऑफ अफेअर’ या कादंबरीत मार्मिकपणे मांडले आहे.