Description
The discovery of the planet Mars is an important programme taken by the scientists. This book provides full description of the programme and the facts found about Mars. The only book available in Marathi is by G. B. Sardesai.
The discovery of the planet Mars is an important programme taken by the scientists. This book provides full description of the programme and the facts found about Mars. The only book available in Marathi is by G. B. Sardesai.
| Weight | 100 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।
“मराठीतून जर्मन – शिकणं आता सौपं” “भाषा ही फक्त संवादाचं साधन नाही ती नव्या संस्कृतीकडे आणि नव्या संधींकडे नेणारं दार आहे.” आज अत्यंत आनंद आणि अभिमान वाटतो की “जर्मन भाषा गुरु” हे पुस्तक अधिकृतपणे प्रकाशित होत आहे. हे पुस्तक खास मराठी विद्यार्थ्यांसाठी तयार केलेले आहे, जे जर्मन भाषा शिकू इच्छितात पण इंग्रजी माध्यमामुळे अडचण अनुभवतात. […]
This book is written mainly from the old points of views and thinking, linking them to the modern atmosphere. The heartful attachment with deep emotional appeal to the modern mind for thought full public adjustment, without selfish, wild mottoes guiding them. The racial and caste based barriers causing harmful actions needs this type of balanced guidelines, which the book provides successfully.
The life cycle of man depends on many factors in which insects are also included. They also play a majer role either in creative or destructive manner. We get ample information about them in this book. A wonderful world of lookwarm, spider, cockroch, house fly, mosquitos, beetles is explained in simple words. Writer Prof. Sudheer Sahasrabuddhe.
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