Sulabh Aapatti Vyavasthapan

80.00

Misfortune or calamity caused naturally or by unawareness make us suffer physically and financially, If we can make management of the misfortune, We suffer less. Therefore the norms of easy management of misfortune is needed. In this book you got foolproof guidance by an expert like colonel Abhay Patwardhan. The book is a must for each student of any faculty.

5 in stock

SKU: Sulabh Aapatti Vyavasthapan Categories: ,
Description

Description

Misfortune or calamity caused naturally or by unawareness make us suffer physically and financially, If we can make management of the misfortune, We suffer less. Therefore the norms of easy management of misfortune is needed. In this book you got foolproof guidance by an expert like colonel Abhay Patwardhan. The book is a must for each student of any faculty.

Additional information

Additional information

Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Marathi Dnyanpeeth Vijete

40.00

The Gyanpeeth prize in literature in Marathi has been awarded to three saraswatas, namely shri. V.S. Khandekar, Shri. V.D. Karandikar and Kusumagraja, Shri. V. V. Shirwadkar. The life and their lifestyle can be made known through this book, the only one available in Marathi.

Chakrvyuh

250.00

‘चक्रव्यूह’ ही एक रहस्य, थरार आणि गूढतेने भरलेली कादंबरी आहे, जिच्या केंद्रस्थानी आहे – एक रहस्यमय मृत्यू, जो केवळ एका माणसाचा नाही, तर अनेकांच्या आयुष्याला हादरवून टाकतो.

एका नामवंत आणि लोकांच्या मनात विशेष स्थान असलेल्या तंत्र-मंत्र व तांत्रिक विद्या निपुण स्त्रीचा मृत्यू आत्महत्येसारखा दिसतो. पण हा फक्त योगायोग आहे का, की ही आहे एक काळजीपूर्वक आखलेली योजना?

या प्रकरणाचा तपास घेतो सिनिअर इन्स्पेक्टर अजिंक्य वाघमारे – धारदार बुद्धी, थंड डोकं आणि झपाटलेली निष्ठा असलेला एक तगडा अधिकारी. तपासाची सुरुवात साधी वाटत असली, तरी जसजसे धागे उलगडायला लागतात, तसतसे अजिंक्य एका अंधाऱ्या आणि अनाकलनीय चक्रव्यूहात अडकत जातो.

या चक्रव्यूहात आहेत –

मुखवटे घातलेली माणसं,

बाहेरून साधी वाटणारी पण आतून धोकादायक पात्रं,

तांत्रिक शक्तींचा वापर करून खेळला गेलेला मानसिक खेळ,

आणि एक असा शत्रू, जो दिसत नाही… पण प्रत्येक पावलावर सावलीसारखा उपस्थित आहे.

ही कथा आहे विश्वास आणि फसवणूक, तंत्र आणि तपास, गुन्हा आणि गूढतेच्या सीमारेषांवर चालणाऱ्या शोधयात्रेची.

‘चक्रव्यूह’ वाचताना तुम्हाला प्रत्येक पानावर नवीन प्रश्न पडेल… आणि शेवटी उलगडेल एक धक्का देणारे सत्य, जे कदाचित कुणालाही अपेक्षित नसेल!

Vima Dava Kasa Jinkal ?

300.00

Life Insurance is co-related to the modern life, yet many of us are unaware about the pricautions to be taken, when life insurance is made, such as how many options are available in it, how to be alert to avaoid deception and the most important of all these, how to win the life insurance claim. You will get the information about all the above said factors in simple and pleasing manner here. There is experience based information available in this book. Written by Advocate Sunil Takalkar.

Mrutunjay Markandeya Rushi

120.00

Markendeya rishi had become immortal by conquering the Death. He is the racegod of Padmshali Society. The life story of the ancients rishi, the fight and devotion of him along with the places where the temples are built for him, the pilgrims at the particular places etc are described in this book in detail. Shri. Vijay Yangalwar.

Siddhstotramani -Vyadhinashak ani Chaitanyadayi Stotra Sangrah

550.00

डॉ. इंद्रायणी केदार जोशी
बी.ए.एम.एस., एम.डी. (आयु.) स्वस्थवृत्त एवं योग, डी.वाय.एन.डी. (योग, निसर्गोपचार एवं आहार विशेषज्ञ)
समग्र आरोग्य व जीवनशैली मार्गदर्शक विशेषज्ञ
आयुर्वेद व योग शास्त्रात अध्यापन, संशोधन व आरोग्य जनजागृती क्षेत्रात सक्रिय योगदान
इवा कॉलेज ऑफ आयुर्वेद येथे स्वस्थवृत्त एवं योग विभागात सहाय्यक प्राध्यापिका म्हणून कार्यरत
भारतीय शास्त्रीय संगीतावर आधारित संगीतोपचार तज्ञ (Clinical Music Therapist)
“कैवल्यनाद वेलनेस फाउंडेशन” (Music Therapy Education & Research Centre) संस्थापिका
“कैवल्यनाद म्युझिक अकॅडमी” संस्थापिका
कैवल्यनाद वेलनेस फाउंडेशन च्या म्युझिक थेरपी प्रमाणपत्र अभ्यासक्रमांच्या संचालिका व प्रशिक्षक
योग, मर्म थेरपी व गर्भसंस्कार विशेषज्ञ व प्रशिक्षक
आयुर्वेद, संगीतोपचार व समग्र आरोग्य विषयांवरील लेखिका व संशोधक
अखिल भारतीय गांधर्व महाविद्यालय मंडळ, मिरज येथून “संगीत विशारद” आणि “संगीत अलंकार” (गायन) पदवी प्राप्त
महाराष्ट्र सुगम संगीत समिती, मुंबई- पुणे येथून “संगीत रत्न” (सुगम संगीत) पदवी प्राप्त
प्रकाशित पुस्तकेः
अनुभवांच्या आठवणी – मराठी काव्यसंग्रह (२०१५)
हृदयाची भावफुले मराठी काव्यसंग्रह (२०२०)

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।