Surya Namaskar

₹30.00

Health is becoming an important question day by day. An easy and effective answer of it is Surya Namaskar, a method of physical exercise, which is described with proper guidelines. The writer had conducted 5000 health camps, teaching and propagating the Surya Namaskars. Vitthalarao Jibhakate has written this book for the benefit of all of us

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Description

Description

Health is becoming an important question day by day. An easy and effective answer of it is Surya Namaskar, a method of physical exercise, which is described with proper guidelines. The writer had conducted 5000 health camps, teaching and propagating the Surya Namaskars. Vitthalarao Jibhakate has written this book for the benefit of all of us

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Weight 30 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Ganitachya Gamti Jamti

₹200.00

सर्वसाधारण माणसाच्या आणि विद्यार्थ्यांच्या मनात गणित विषयाबद्दलची एक प्रकारची भिती असते. विज्ञान एक वेळ चालेल परंतु गणित नको 95% व्यक्ती गणितापासून दूर जातात. गणित हा मनोरंजनाचा विषय आहे. हीच संकल्पना लोकांना पटत नाही परंतु गणिताच्या गमती जमती या पुस्तकातून वाचकांचे मनोरंजन करेल, त्यांची गणिताची भिती जाईल आणि त्यांना गणिताची आवड निर्माण करण्याची जादू या पुस्तकाच्या मुळाशी आहे. या पुस्तकातील गणितांना गणिताचे नाव न देता, त्यांना व्यवहारातील नावे दिली आहेत. जेणेकरून भावनिक जवळीक निर्माण व्हावी, ते आपलेसे वाटावे यासाठी. जसे की मित्र, एका नजरेत घायाळ, डोंबारी, नटरंग, कोळ्याचे जाळे, माझा लकी नंबर, रावण, हरिहरेश्वर, सुंदरता इत्यादी. तसेच मोठी गणितं डोळ्यांनी सोडवता येतील व त्याचा आनंद घेता येईल व गणिताची गोडी उत्पन्न होण्यास नक्कीच मदत होईल.
सर्व शास्त्रांचे मूळ गणित आहे. जगाला मोठी देणगी भारतीय गणिताने दिली ती म्हणजे शून्याचा शोध. गणित भारतात जन्मले व प्राचीन भारतातील गणित तज्ञांनी ते वाढवले व सर्व जगात पसरवले. हा इतिहास प्रत्येक भारतीयांपर्यत पोहोचवण्याचे कार्य झाले पाहिजे हीच खरी अपेक्षा बाळगतो.

Jagatik Ganiti

₹250.00

The book is written in the International year for mathematics in which Nachiket Publishing has paid homage to all mathematicians in the world from ancient period to the modern times. There is information about 100 mathematicians made avialable for the first time in Marathi. Writer Prakash Manikpure.

Adhyatmache Vidnyan Aani Ganit

₹180.00

In this book the experiences about the origin of cosmos from the very first step and the journey afterwards has been given. The extracts found in the treaties with the logical method are made known from modern scientific perspectives. The Mahat-sphot concept about beyond the description of sat and asat [beyond the truth and nontruth] which is referred and indicated in Nasadiya sukta (state of singularity) is logically stretched till the present time interpretation of modern science by the author. He has rightly shown how the modern researches are parallel to the oldest concepts of our rishis and acharyas.

Kavya Suman

₹200.00
नाव : डॉ. सुनिता गजभिये
शिक्षण : एम.बी.बी.एस., एम.डी. सूक्ष्मजीवशास्र   (Microbillogy)
व्यवसाय : प्राध्यापिका, सूक्ष्मजीवशास्त्र विभाग
शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपूर
आवड : मराठी, हिंदी आणि इंग्रजी भाषेत
अनेक कविता लिहिल्या आहेत