Suvachne Tukobanchi

200.00

लेखक परिचय –
32 वर्षे विज्ञान विषय शिकवण्याचा अनुभव.
ग्रामीण भागात वाचन संस्कृती रुजवण्यासाठी मोफत पुस्तक भिशी योजनेचे जनक.
वैज्ञानिक दृष्टिकोन रुजवण्यासाठी आदिवासी भागामध्ये अनेक उपक्रमांचे आयोजन.
शासनामार्फत आयोजित तालुका व जिल्हास्तरीय विज्ञान प्रदर्शन आयोजनात मोलाचा वाटा.
विविध विषयावर महाराष्ट्रातील विविध भागात दिडहजार पेक्षा जास्त मोफत व्याख्याने.
शासन व विविध संस्थांचे 150 पेक्षा जास्त आदर्श शिक्षक पुरस्कार.
मूल्य शिक्षणावर आधारित “ज्ञान कण “,
शास्त्रज्ञ परिचय करून देणारे “विज्ञान प्रेरणा ” या दोन पुस्तकांचे लेखन.
कविता मूलद्रव्याची हा काव्यसंग्रह प्रकाशित.
कविता शास्त्रज्ञांच्या व कविता जाणिवांच्या हे दोन ई- बुक कविता संग्रह प्रकाशित.
कविता मूलद्रव्याची या मराठी काव्यसंग्रहाचे इंग्रजी व फिलिपिनो भाषेत रूपांतर.

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सुवचने तुकोबांची पुस्तक परिचय :-
श्री सार्थ तुकाराम गाथेमध्ये जवळपास चार हजार पाचशे अभंग आहेत. त्यातील निवडक अभंगाचा काही भाग घेऊन त्यातील वैयक्तिक व विश्वात्मक मूल्ये, पदार्थाचे भौतिक गुणधर्म, प्रकाशाचे परावर्तन व अपवर्तन, द्रावणाचे विविध प्रकार, रासायनिक अभिक्रियांचे प्रकार, जलचक्र, प्रतिध्वनी, न्यूटनचे गतीविषयक नियम यासारख्या वैज्ञानिक संकल्पना एकत्रित करण्याचे काम केले आहे. तरुणांनी गाथा वाचावी, त्यातील काळानुसार सुसंगत विचार स्वीकारून जीवन सुखी व समाधानी करावे यासाठी केलेली ही धडपड.

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Shukraniti

30.00

A person of high intellect, genius in ancient India named Shukracharya, was the guide Guru and Philosopher of demons. He was equal to Brahaspati the guide guru of Gods. In this book the guidelines about management and description of his life is given, hence the book is called Shukraneeti neeti means moral laws to be followed by the society one can get benefited by the guidlines (Sutras) even today if he follows them.

Pentice Hub

375.00

The author, Mr. Rahul Kulkarni, is a skilled Engineer. He loves to write stories. Because of his logical perspective, he always focuses on facts and details, which helps him to write clear and profound stories. His job in engineering and quality have given him the opportunity to travel the world. These travels have given him an understanding of various cultures and histories. Rahul is fond of visiting historical and religious, places. On every trip, he becomes acquainted with new people and cultures, which allows him to learn something new. These experiences from around the world bring realistic details and a broad perspective to his stories. Connect with Rahul at – rgkrahul@gmail.com.

Janukanchi Kimaya

200.00

Starting from what is the gene? to what sort of fullphased change is made possible by the functions of genes is the subject of this book. One gets uptodate scientific information on all scientific aspects of working of genes in simple language with appropriate pictures. There are eight coloured pages contributed to show the steps in the discovery of genes by Dr. Pratibha Sahastrabuddhe, the writer.

German Bhasha Guru

250.00

“मराठीतून जर्मन – शिकणं आता सौपं” “भाषा ही फक्त संवादाचं साधन नाही ती नव्या संस्कृतीकडे आणि नव्या संधींकडे नेणारं दार आहे.” आज अत्यंत आनंद आणि अभिमान वाटतो की “जर्मन भाषा गुरु” हे पुस्तक अधिकृतपणे प्रकाशित होत आहे. हे पुस्तक खास मराठी विद्यार्थ्यांसाठी तयार केलेले आहे, जे जर्मन भाषा शिकू इच्छितात पण इंग्रजी माध्यमामुळे अडचण अनुभवतात. […]

Nagari Bankansathi Sahakari Paripatrake

350.00

In the Co-operative institutions the circular used since last 20 years are compiled in this tiny book. Having 160 pages with 1/8 th demi size this book can be useful for every department of every co-operative bank and it branches. It is very easy to handle being being a well Indexed Book.