Additional information
| Weight | 220 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 220 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
The first police officer (I.P.S.) Kiran Bedi. Who lived a glorified life of an officer. How did the develop her personality, what difficulties she had to face and confront during her life journey from Kiran Bedi to Didi Bedi as a Police Officer and then as a political personality in the 2nd innings of her life is presented interesting through this book. The new generation can get guidence through it.
शिकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤šà¥€ वाटचाल हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ व पालकांसाठी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ आहे. सौ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ घोरमाडे या जिलà¥à¤¹à¤¾ परिषद शाळेत शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा असून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे पती शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤‚दà¥à¤° घोरमाडे सेवानिवृतà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤• आहेत. तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मूळ गाव नागपूर (गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£) तहसील येथील चिचोली (फेटरी) आहे. गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ à¤à¤¾à¤—ातील अनेक विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥à¤¯à¤¾à¤‚साठी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• कारà¥à¤¯ केले. गरीब कà¥à¤Ÿà¥à¤‚बात जनà¥à¤®à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ पती-पतà¥à¤¨à¥€à¤¨à¥‡ अनेक संकटांना तोंड देऊन यशसà¥à¤µà¥€à¤ªà¤£à¥‡ रिषठव कà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¿à¤œ या दोन मà¥à¤²à¤¾à¤‚चे संगोपन केले. अतà¥à¤¯à¤‚त कठीण पà¥à¤°à¤¸à¤‚गात देखील शिकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤¸ पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¯ देत विविध अनà¥à¤à¤µà¤¾à¤‚दà¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ नीती मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे संसà¥à¤•ार करून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना सà¥à¤œà¤¾à¤£ नागरिक केले. सौ.अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ यांचà¥à¤¯à¤¾ धाडसाची आणि कषà¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¥€ ही कथा मातृतà¥à¤µà¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ आणि पालकतà¥à¤µà¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ तसेच नैतिक मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ अधोरेखित करते. पवितà¥à¤° विचारांनी सà¥à¤‚दर à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ास लेखिका सौ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ सà¥à¤°à¥‡à¤‚दà¥à¤° घोरमाडे यांनी शबà¥à¤¦à¤¬à¤¦à¥à¤§ केले आहे.
This is one of the books from the series on the nature and animals in it. This is the first one, wherein, we can enjoy the lifestyle of the which are the emperors of the sea.
पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ माधवराव नारायणे मà¥à¤³ विंचूरचे पण आता नांदगाव जि. नाशिक येथील हे संवेदनशील आणि जीवनाà¤à¤¿à¤®à¥à¤– लेखन करणारे कवी आहेत. बालपणापासूनच आलेलà¥à¤¯à¤¾ संघरà¥à¤·à¤¾à¤‚नी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ आकार दिला आणि तà¥à¤¯à¤¾ अनà¥à¤à¤µà¤¾à¤‚चं पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¬à¤¿à¤‚ब तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ लेखणीत सà¥à¤ªà¤·à¥à¤Ÿà¤ªà¤£à¥‡ दिसून येतं. तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मनोमनी ललित लेख संगà¥à¤°à¤¹ आणि कावà¥à¤¯ à¤à¥à¤²à¤¾ कावà¥à¤¯à¤¸à¤‚गà¥à¤°à¤¹ वाचकांचà¥à¤¯à¤¾ साठी à¤à¤• साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• शिदोरी ठरली आहे. आता हे तिसरे […]
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