Yantramagil Vidnyan

₹125.00

Machines have become part and parcel of the human life today. With the help of machines our daily life has become easy, yet very few of us know the science behind them working of the machines. The writer has explained it in easy language. The machines and the scientific working behind explain the mystry of the their functions. This interesting book by Shri. Jayant Arende is valuable for all of us.

5 in stock

SKU: Yantramagil Vidnyan Category:
Description

Description

Machines have become part and parcel of the human life today. With the help of machines our daily life has become easy, yet very few of us know the science behind them working of the machines. The writer has explained it in easy language. The machines and the scientific working behind explain the mystry of the their functions. This interesting book by Shri. Jayant Arende is valuable for all of us.

Additional information

Additional information

Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Vishyanantar

₹200.00

विषयांतर, हे पुस्तक म्हणजे नागपूरच्या दैनिक तरुण भारत मध्ये ३०-३२ वर्षांपूर्वी दीर्घकाळ प्रकाशित झालेल्या विषयांतर, या सदरातील प्रा. सुरेश खेडकर यांच्या २७ लेखांचा संग्रह. मूळ जुन्या लेखातील विचार अधिक स्पष्ट करण्यासाठी प्रत्येक लेखाच्या शेवटी त्यांनी, त्यातील विषयांशी सुसंगत ताजा कलम नव्याने लिहून जोडला आहे. यातील बहुसंख्य लेखात त्यांनी आपले अनुभव हलक्या फुलक्या विनोदी शैलीत मांडलेले आहेत. प्रा. सुरेश खेडकर एक उत्तम विडंबन कवी सुद्धा आहेत. १९८३ साली प्रकाशित झालेल्या त्यांच्या एप्रिल फुले या विडंबन काव्य संग्रहात पद्य स्वरूपात व्यक्त झालेली त्यांची शैली, गद्य स्वरूपात विषयांतर मध्ये दिसून येते.
आहे. विषयांतर सोबतच त्यांचे आणखी एक पुस्तक हास्यबोधही प्रकाशित होत
ते मुळात विद्युत अभियांत्रिकी (Electrical Engineering) चे प्राध्यापक असले तरी त्यांचे मराठी साहित्यातील योगदान प्रशंसनीय आहे. प्रा. सुरेश खेडकर यांच्याजवळ अनुभवांचा आणखी पुष्कळ साठा आहे व तो सुद्धा त्यांच्या आगामी पुस्तकांच्या रूपात लवकरात लवकर यावा, अशी शुभेच्छा मी व्यक्त करतो.
st

Akash Samrat Pakshi

₹70.00

Birds, the Emperor the sky of phylum aves have been described in this book in detail along with pictures. The classification of the birds and body structure is an interesting aspect of the book.

Bhartiya Paramveer

₹150.00

The highest military award Paramveer is a matter of pride. In this book we get full information about the various winning Paramveer award in Marathi

Akhand Bharat ke Swar

₹200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।