Bhartachi Rashtriy Pratike

50.00

As a responsible citizen each one needs to now about the symbols of and about India. The coming generation can get it through this book so as to feel proud about India. The pictures information of the 20 symbols are beautiful and representing India’s cultural reference.

5 in stock

Compare
SKU: Bhartachi Rashtriy Pratike Category:
Description

Description

As a responsible citizen each one needs to now about the symbols of and about India. The coming generation can get it through this book so as to feel proud about India. The pictures information of the 20 symbols are beautiful and representing India’s cultural reference.

Additional information

Additional information

Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Janewari 30 Nantar

175.00

The changes occuring in society always are depicted in short stories interestingly. In this book there are 15 stories occured in 40 years. We can feel and listen different mental attitudes and experiences Pulsating through these stories which are having complex relationship.

Aapli Sanskruti

100.00

Our values, life-style and mannerism have nourished our culture. About important factors of this culture of ours famous rishis, M.G. Vaidya has given impression to his valuable thoughts in this book. He has written about our culture in short but with the critical aspect.

Shikshanachi Vatchal

100.00

शिक्षणाची वाटचाल हे पुस्तक विद्यार्थी व पालकांसाठी प्रेरणादायी आहे. सौ. अर्चना घोरमाडे या जिल्हा परिषद शाळेत शिक्षिका असून त्यांचे पती श्री सुरेंद्र घोरमाडे सेवानिवृत्त शिक्षक आहेत. त्यांचे मूळ गाव नागपूर (ग्रामीण) तहसील येथील चिचोली (फेटरी) आहे. ग्रामीण भागातील अनेक विद्यार्थ्यांसाठी त्यांनी शैक्षणिक कार्य केले. गरीब कुटुंबात जन्मलेल्या पती-पत्नीने अनेक संकटांना तोंड देऊन यशस्वीपणे रिषभ व क्षितिज या दोन मुलांचे संगोपन केले. अत्यंत कठीण प्रसंगात देखील शिक्षणास प्राधान्य देत विविध अनुभवांद्वारे नीती मूल्यांचे संस्कार करून त्यांना सुजाण नागरिक केले. सौ.अर्चना यांच्या धाडसाची आणि कष्टाची ही कथा मातृत्वाच्या आणि पालकत्वाच्या कर्तव्याला तसेच नैतिक मूल्यांच्या अस्तित्वाला अधोरेखित करते. पवित्र विचारांनी सुंदर झालेल्या या पुस्तकास लेखिका सौ. अर्चना सुरेंद्र घोरमाडे यांनी शब्दबद्ध केले आहे.