Description
Gondawale is a place, where a yogi disciple gondawalekar Maharaj lived and has made the place consecrated. The full devotional attitude of the writer has guided the reader about the way how to devote himself to this shrine.
Gondawale is a place, where a yogi disciple gondawalekar Maharaj lived and has made the place consecrated. The full devotional attitude of the writer has guided the reader about the way how to devote himself to this shrine.
| Weight | 200 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
This is a book in Hindi informing about the Gwalior system of vocal music. It is a good text book on the Khayal and Parana recital, rarely available elsewhere.
The circulars for the co-operative financial fields, particularly during last twenty years are grouped in this book. There are in all 106 circulars included in the book. There are 160 pages in the smallest size 1/8 decimal. The book is thus made handy and easy to carry with 80 as to be used when needed.
A Journey from Frontier to Frontier: Across the Soul of India From the Eastern Dawn to the Western Horizon and from Kashmir’s icy heights to Kanyakumari’s oceanic edge, this book is a breathtaking chronicle of one man’s self-driven odyssey across India’s vast and varied frontiers. Through vivid reflections and sharp-eyed observations, the author captures the […]
अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।
अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।
‘गोष्ट बॅरिस्टरसाहेबांची’ या पुस्तकातील व्यक्तींच्या गोष्टी आपणास नक्की प्रेरणा देतील. कदाचित आपल्या आयुष्याला नवीन वळण देतील. बॅरिस्टरसाहेब म्हणजे कोण? डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांच्या स्वप्नांचा रथ पुढे नेणाऱ्या त्यागी माणसाचं नाव आहे राजाभाऊ. राजाभाऊ म्हणजे त्याग. राजाभाऊ म्हणजे आंबेडकरी चळवळीचा वाघ. ज्याने फक्त समाजाचा संसार सांभाळला, समाजाच्या हितासाठी देह झिजवला अशा चंदनाचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कोणत्याही स्वार्थाशिवाय सामान्य माणसांना आपली वैभवी सावली देणाऱ्या वटवृक्षाचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कष्टकरी गरीब माणसाच्या कल्याणासाठी लढणारा योद्धा म्हणजे राजाभाऊ. आपल्या विद्वत्तेचा देशाच्या कल्याणासाठी विचार करणारी व्यक्ती म्हणजे राजाभाऊ. आंबेडकरी विचारांवर खंबीर राहणाऱ्या आंबेडकरवादी योद्ध्याचे नाव म्हणजे राजाभाऊ. कोणाचाही द्वेष घडू नये असा बुद्धविचार आचरणात आणणाऱ्या राजनेत्याचं नाव राजाभाऊ. चंद्रपूरचं नाव इतिहासाच्या छातीवर कोरणाऱ्या खोबरागडे घराण्यातील सुपुत्राचे नाव आहे राजाभाऊ. जो सर्वाचा भाऊ तो भाऊराव आणि मनाने राजासारखा तो राजाभाऊ.
Select at least 2 products
to compare