Sarvopanishad

20.00

Out of stock

Compare
SKU: Sarvopanishad Categories: ,
Additional information

Additional information

Weight 30 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Nagari Bankansathi Sahakari Paripatrake

350.00

In the Co-operative institutions the circular used since last 20 years are compiled in this tiny book. Having 160 pages with 1/8 th demi size this book can be useful for every department of every co-operative bank and it branches. It is very easy to handle being being a well Indexed Book.

Gosht Berrister Sahebanchi

150.00

 

‌‘गोषà¥à¤Ÿ बॅरिसà¥à¤Ÿà¤°à¤¸à¤¾à¤¹à¥‡à¤¬à¤¾à¤‚ची‌’ या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ातील वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¥€à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ गोषà¥à¤Ÿà¥€ आपणास नकà¥à¤•ी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾ देतील. कदाचित आपलà¥à¤¯à¤¾ आयà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ नवीन वळण देतील. बॅरिसà¥à¤Ÿà¤°à¤¸à¤¾à¤¹à¥‡à¤¬ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ कोण? डॉ. बाबासाहेब आंबेडकरांचà¥à¤¯à¤¾ सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨à¤¾à¤‚चा रथ पà¥à¤¢à¥‡ नेणाऱà¥à¤¯à¤¾ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ी माणसाचं नाव आहे राजाभाऊ. राजाभाऊ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ तà¥à¤¯à¤¾à¤—. राजाभाऊ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ आंबेडकरी चळवळीचा वाघ. जà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ फकà¥à¤¤ समाजाचा संसार सांभाळला, समाजाचà¥à¤¯à¤¾ हितासाठी देह à¤à¤¿à¤œà¤µà¤²à¤¾ अशा चंदनाचे नाव मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ राजाभाऊ. कोणतà¥à¤¯à¤¾à¤¹à¥€ सà¥à¤µà¤¾à¤°à¥à¤¥à¤¾à¤¶à¤¿à¤µà¤¾à¤¯ सामानà¥à¤¯ माणसांना आपली वैभवी सावली देणाऱà¥à¤¯à¤¾ वटवृकà¥à¤·à¤¾à¤šà¥‡ नाव मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ राजाभाऊ. कषà¥à¤Ÿà¤•री गरीब माणसाचà¥à¤¯à¤¾ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤¾à¤¸à¤¾à¤ à¥€ लढणारा योदà¥à¤§à¤¾ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ राजाभाऊ. आपलà¥à¤¯à¤¾ विदà¥à¤µà¤¤à¥à¤¤à¥‡à¤šà¤¾ देशाचà¥à¤¯à¤¾ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£à¤¾à¤¸à¤¾à¤ à¥€ विचार करणारी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¥€ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ राजाभाऊ. आंबेडकरी विचारांवर खंबीर राहणाऱà¥à¤¯à¤¾ आंबेडकरवादी योदà¥à¤§à¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ नाव मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ राजाभाऊ. कोणाचाही दà¥à¤µà¥‡à¤· घडू नये असा बà¥à¤¦à¥à¤§à¤µà¤¿à¤šà¤¾à¤° आचरणात आणणाऱà¥à¤¯à¤¾ राजनेतà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤‚ नाव राजाभाऊ. चंदà¥à¤°à¤ªà¥‚रचं नाव इतिहासाचà¥à¤¯à¤¾ छातीवर कोरणाऱà¥à¤¯à¤¾ खोबरागडे घराणà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥€à¤² सà¥à¤ªà¥à¤¤à¥à¤°à¤¾à¤šà¥‡ नाव आहे राजाभाऊ. जो सरà¥à¤µà¤¾à¤šà¤¾ भाऊ तो भाऊराव आणि मनाने राजासारखा तो राजाभाऊ.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।

अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृभूमि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘भारत को भवà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अभाविप जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤­à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।

Vayukanya P. T. Usha

60.00

P.T. Usha is one of the best runner player of India the book is a living data of the physical and mental hard and passionate efforts, She made to get the derived success.