Ardas

165.00

सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।

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सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।

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Weight 0.250 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Shukraniti

30.00

A person of high intellect, genius in ancient India named Shukracharya, was the guide Guru and Philosopher of demons. He was equal to Brahaspati the guide guru of Gods. In this book the guidelines about management and description of his life is given, hence the book is called Shukraneeti neeti means moral laws to be followed by the society one can get benefited by the guidlines (Sutras) even today if he follows them.

Kavya Suman

200.00
नाव : डॉ. सुनिता गजभिये
शिक्षण : एम.बी.बी.एस., एम.डी. सूक्ष्मजीवशास्र   (Microbillogy)
व्यवसाय : प्राध्यापिका, सूक्ष्मजीवशास्त्र विभाग
शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपूर
आवड : मराठी, हिंदी आणि इंग्रजी भाषेत
अनेक कविता लिहिल्या आहेत

Tav Tejacha Ek Ansh De

200.00

छत्रपती शिवाजी महाराजांचे कार्य म्हणजे केवळ इतिहासातील पराक्रम नव्हे, तर राष्ट्रनिर्मितीचा जाज्वल्य आदर्श आहे.
शेतात चांगले पीक यावे यासाठी काही बियाणे मातीखाली गाडावी लागतात; त्याचप्रमाणे महाराजांनी आणि त्यांच्या संपूर्ण घराण्याने महाराष्ट्रासाठी अतुलनीय त्याग केला. हा त्याग आपण कधीही विसरता कामा नये. आज त्यांच्या नावाचा केवळ जयघोष करून थांबणे पुरेसे नाही; त्यांनी राष्ट्रनिर्मितीसाठी जे कार्य केले, ते पुढे नेणे हीच आपली खरी जबाबदारी आहे. त्यामुळे त्यांना फक्त डोक्यावर घेण्यापेक्षा, डोक्यात घेण्याची वेळ आता आली आहे.
त्यांचा पराक्रम अतुलनीय होता, पण आपण स्वतःला त्यांचे वारसदार म्हणवून घेत असताना, आपण समाजासाठी काय कार्य करतो, हे पाहणे तितकेच आवश्यक आहे..
आपण महाराज होऊ शकत नाही; पण त्यांच्या कर्तृत्वातील गुणांचा अंगीकार करून त्यांचे खरे वारसदार होण्याचा प्रयत्न नक्कीच करू शकतो.
जयघोषापेक्षा आचरणात शिवराय जिवंत ठेवणे, हीच खरी शिवभक्ती.

Panchtantra

40.00

To become successful and happy, you have to follow and master tactful diplomacy. This is the real wisdom of life taught through Panchatantra, the modern education of the management taught in the famous management schools. The wisdom, diplomacy, genuily which is to be developed into your personality to presented in it through small stories. Which are interesting to understand and follow compilation

Matang Samaj Vikasachya Dishene

400.00

In this book scientific study about the history of Matang tribal Society, the changes it came across after the Indian indipendence in comparision with other tribals, the questions it is facing today and the answers of its progressive march are discussed in an instructive and attractive manner.-Dr. Ashru Jadhav,