Bapmanus Ramaji

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Tav Tejacha Ek Ansh De

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छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¥€ शिवाजी महाराजांचे कारà¥à¤¯ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ केवळ इतिहासातील पराकà¥à¤°à¤® नवà¥à¤¹à¥‡, तर राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¤à¥€à¤šà¤¾ जाजà¥à¤µà¤²à¥à¤¯ आदरà¥à¤¶ आहे.
शेतात चांगले पीक यावे यासाठी काही बियाणे मातीखाली गाडावी लागतात; तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤ªà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‡ महाराजांनी आणि तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ संपूरà¥à¤£ घराणà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤ à¥€ अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ तà¥à¤¯à¤¾à¤— केला. हा तà¥à¤¯à¤¾à¤— आपण कधीही विसरता कामा नये. आज तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ नावाचा केवळ जयघोष करून थांबणे पà¥à¤°à¥‡à¤¸à¥‡ नाही; तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¨à¤¿à¤°à¥à¤®à¤¿à¤¤à¥€à¤¸à¤¾à¤ à¥€ जे कारà¥à¤¯ केले, ते पà¥à¤¢à¥‡ नेणे हीच आपली खरी जबाबदारी आहे. तà¥à¤¯à¤¾à¤®à¥à¤³à¥‡ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना फकà¥à¤¤ डोकà¥à¤¯à¤¾à¤µà¤° घेणà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤·à¤¾, डोकà¥à¤¯à¤¾à¤¤ घेणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ वेळ आता आली आहे.
तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चा पराकà¥à¤°à¤® अतà¥à¤²à¤¨à¥€à¤¯ होता, पण आपण सà¥à¤µà¤¤à¤ƒà¤²à¤¾ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे वारसदार मà¥à¤¹à¤£à¤µà¥‚न घेत असताना, आपण समाजासाठी काय कारà¥à¤¯ करतो, हे पाहणे तितकेच आवशà¥à¤¯à¤• आहे..
आपण महाराज होऊ शकत नाही; पण तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤¤à¥ƒà¤¤à¥à¤µà¤¾à¤¤à¥€à¤² गà¥à¤£à¤¾à¤‚चा अंगीकार करून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे खरे वारसदार होणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤¯à¤¤à¥à¤¨ नकà¥à¤•ीच करू शकतो.
जयघोषापेकà¥à¤·à¤¾ आचरणात शिवराय जिवंत ठेवणे, हीच खरी शिवभकà¥à¤¤à¥€.

Shodh Manglacha

100.00

The discovery of the planet Mars is an important programme taken by the scientists. This book provides full description of the programme and the facts found about Mars. The only book available in Marathi is by G. B. Sardesai.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।

अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृभूमि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘भारत को भवà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अभाविप जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤­à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।