Co-operative Rules

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The changed Co-operative Rules after change in Co-operative 1920 due to constitutional a amendment are may must required by the Co-operative Societies. This is our efftort to do the needful.

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The changed Co-operative Rules after change in Co-operative 1920 due to constitutional a amendment are may must required by the Co-operative Societies. This is our efftort to do the needful.

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Weight 250 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Vicharancha Canvas

250.00

“विचारांचा कॅनव्हास” हे पुस्तक म्हणजे डॉ. नीता देशपांडे यांचा अनुभव, आत्मचिंतन आणि जीवनदृष्टी यांचा सुरेख संगम आहे. या लेखसंग्रहातील प्रत्येक लेख, हा केवळ शब्दांचा संच नाही, तर विचारांचा एक सखोल प्रवास आहे — जिथे वाचकाला स्वतःचा आरसा दिसतो.
शिकत असताना आणि शिकवताना आलेले अनुभव, विद्यार्थ्यांशी संवाद साधताना उमजलेली मनोवृत्ती, समाजातील बदलती मूल्यव्यवस्था आणि लहानपणाच्या आठवणींमधून साकारलेले विचार, हे सारे या पुस्तकाच्या पानोपानी जिवंत भासते. लेखिकेची भाषा ही सहज, सोपी आणि तरीही हृदयाला भिडणारी आहे. हे पुस्तक वाचकाला अंतर्मुख करणारे, विचारांना चालना देणारे आणि जीवनाकडे पाहण्याचा दृष्टिकोन अधिक व्यापक करणारे ठरेल, अशी खात्री आहे.

Kahani Jiddichi

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कहाणी जिद्दीची ही कादंबरी एका सालस तरुणीची कथा आहे. केवळ मुलगा चांगला आहे म्हणून आई वडिलांच्या आग्रह खातर ती विवाहाला तयार होते. शिक्षण पुढे सुरु ठेवता येईल हीच त्यातली जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं त्या क्षेत्रातील, आणि हवं तेव्हढं शिक्षण घेते देखील. पण नवऱ्याच्या लहरी स्वभावाने तिला काय काय भोगाव लागतं… जेव्हा तिच्या सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिच्या जीवावर बेततं तेव्हा मात्र घर सोडून बाहेर पडण्याशिवाय पर्याय नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिक्स पक्षाप्रमाणे ती पुन्हा राखेतून उभी राहते. एकल पालकत्व निभावत पुढे जात राहते.उच्च विद्या विभूषित असलेल्या स्त्रीने प्रत्यक्षात अनुभवलेलं हे सारं … म्हणून तिच्या या जिद्दीची ही कहाणी .

Nagari Bankansathi Sahakari Paripatrake

350.00

In the Co-operative institutions the circular used since last 20 years are compiled in this tiny book. Having 160 pages with 1/8 th demi size this book can be useful for every department of every co-operative bank and it branches. It is very easy to handle being being a well Indexed Book.

Manakshar

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पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

Shree Kshetra Pandharpur Darshan

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The holy pilgrim place Pandharpur is a seat of valuable centre of religions faith in Maharashtra. This book is useful of the guideline before visiting God Vitthal at Pandharpur.