Devarshi Narad

80.00

One among the for mentality follower or souls (manipulation) of lord Brahmdeo and one among the eight immortal souls in Indian mythology, Narad was a variable personality well read in many shastras (disciplines), but her himself had considered high esteemed for the devotion towards God (Bhakti) and all the time remained a devotee. This one is the very first book written in Marathi on Narad Maharshi.

4 in stock

SKU: Devarshi Narad Categories: ,
Description

Description

One among the for mentality follower or souls (manipulation) of lord Brahmdeo and one among the eight immortal souls in Indian mythology, Narad was a variable personality well read in many shastras (disciplines), but her himself had considered high esteemed for the devotion towards God (Bhakti) and all the time remained a devotee. This one is the very first book written in Marathi on Narad Maharshi.

Additional information

Additional information

Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Manakshar

249.00

पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भूगोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विभाग में भी कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ भी कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤­à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूरà¥à¤£ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विभिनà¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विभिनà¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से भी समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।

Hasyabodh

200.00

पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर
हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§ मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ नागपूरचà¥à¤¯à¤¾ दैनिक देशोनà¥à¤¨à¤¤à¥€ मधà¥à¤¯à¥‡ विसेक वरà¥à¤·à¤¾à¤‚पूरà¥à¤µà¥€ रविवार पà¥à¤°à¤µà¤£à¥€à¤¤ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ याच नावाचà¥à¤¯à¤¾ लेख मालिकेत माà¤à¥‡ मितà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांनी वरà¥à¤·à¤­à¤° साततà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ लिहिलेलà¥à¤¯à¤¾ लेखांचा संगà¥à¤°à¤¹. तà¥à¤¯à¤¾à¤µà¥‡à¤³à¥€ मी देशोनà¥à¤¨à¤¤à¥€à¤šà¤¾ पà¥à¤°à¤µà¤£à¥€ संपादक होतो. आचारà¥à¤¯ पà¥à¤°. के. अतà¥à¤°à¥‡ यांचà¥à¤¯à¤¾ à¤à¥‡à¤‚डूची फà¥à¤²à¥‡, या विडंबन कवितासंगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤šà¥€ परंपरा सकà¥à¤·à¤®à¤¤à¥‡à¤¨à¥‡ सांभाळणारा पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांचा à¤à¤ªà¥à¤°à¤¿à¤² फà¥à¤²à¥‡, हा विडंबन कवितांचा संगà¥à¤°à¤¹ १९८३ मधà¥à¤¯à¥‡ पà¥à¤°à¤•ाशित à¤à¤¾à¤²à¤¾ होता. तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ पà¥à¤°à¤¸à¥à¤¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ सà¥à¤§à¥à¤¦à¤¾ मीच लिहिली होती.
तà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾à¤š धागा धरून मी कवी मितà¥à¤° सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांनी à¤à¤–ादे विनोदी सदर देशोनà¥à¤¨à¤¤à¥€à¤¸à¤¾à¤ à¥€ लिहावे, असा आगà¥à¤°à¤¹ धरला. वाचकांना हासà¥à¤¯à¤¾à¤‚कित करून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मनोरंजन करणारा विनोदी किसà¥à¤¸à¥‡ व तà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥‚नच सधà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ आधà¥à¤¨à¤¿à¤• परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¥€à¤¤ “शहाणे करूनी सोडावे सकल जन” यापà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¥‡ सहजतेने शहाणपणाचा डोस देणारा बोध यांचा संगम घडविणाऱà¥à¤¯à¤¾ हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§ या मालिकेचा जनà¥à¤® à¤à¤¾à¤²à¤¾. हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§à¤šà¥€ लोकपà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ दिवसेंदिवस वाढत गेली. अलà¥à¤ªà¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ उचà¥à¤šà¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤, विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€, शिकà¥à¤·à¤•, वारà¥à¤¤à¤¾à¤¹à¤°, पोलीस कॉनà¥à¤¸à¥à¤Ÿà¥‡à¤¬à¤², वकील, वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¾à¤°à¥€, ऑटोचालक इतà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¥€ विविध वà¥à¤¯à¤µà¤¸à¤¾à¤¯à¤¾à¤¤à¥€à¤² वाचकांचा उदंड पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¤¾à¤¦ या सदाला तà¥à¤¯à¤¾à¤µà¥‡à¤³à¥€ मिळाला. तसाच चांगला पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¸à¤¾à¤¦ या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ालाही मिळेल, याची मला खातà¥à¤°à¥€ आहे. शाळा कॉलेजातील विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ व विभिनà¥à¤¨ सà¥à¤¤à¤°à¤¾à¤‚चे करà¥à¤®à¤šà¤¾à¤°à¥€ यांचà¥à¤¯à¤¾ टà¥à¤°à¥‡à¤¨à¤¿à¤‚ग पà¥à¤°à¥‹à¤—à¥à¤°à¤¾à¤® मधà¥à¤¯à¥‡ हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§ नकà¥à¤•ीच उपयà¥à¤•à¥à¤¤ ठरेल.
पà¥à¤°à¤¾. सà¥à¤°à¥‡à¤¶ खेडकर यांचे विषयांतर हे आणखी à¤à¤• पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• हासà¥à¤¯à¤¬à¥‹à¤§ सह पà¥à¤°à¤•ाशित होत आहे. तà¥à¤¯à¤¾à¤¬à¤¦à¥à¤¦à¤²à¤¹à¥€ तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे हारà¥à¤¦à¤¿à¤• अभिनंदन.

Vedic Mathematics

200.00

This is the only book available on Vedic Mathematics English. It is useful to the students of Graduate level.