Ithihas Mithak Ani Tathya

₹250.00

“इतिहासात काही जागा कायमच्या रीक्त असतात. तिथं असे काही बिंदू उपलब्ध असतात, ज्यांच्या पुढं आणि मागं बऱ्याच घटना लिखित स्वरूपात उपलब्ध असतात. पण नेमकं मोक्याच्या ठिकाणी शून्य असतं. तिथं इतिहास मौन पाळतो. त्या गाळलेल्या जागी असंच घडलं असावं, असं छातीठोकपणे सांगता येत नाही. अशा रीक्त जागा इतिहासकारांना कुणावरही अन्याय न करता साकल्यानं भरून काढता येतात. जसं की, तुम्ही एखाद्या मध्ययुगीन किल्ल्यावर गेलात, तर मध्येच अशा काही अंधारवाटा लागतात. तशा अंधारवाटा आपण गतायुष्यातील अनुभव आणि सहज तर्क लावून पार करतो. इतिहासाच्या क्षेत्रात सुद्धा विवेकाची किनार धरून अशा अंधारवाटा पार करता येतात. ते फार कठीण काम नाही. एखाद्या विशिष्ट प्रसंगी इतिहास बोलत नसेल तर त्याला वेगळ्या पद्धतीनं बोलतं करता येतं.”

10 in stock

SKU: 543 Categories: ,
Description

Description

“इतिहासात काही जागा कायमच्या रीक्त असतात. तिथं असे काही बिंदू उपलब्ध असतात, ज्यांच्या पुढं आणि मागं बऱ्याच घटना लिखित स्वरूपात उपलब्ध असतात. पण नेमकं मोक्याच्या ठिकाणी शून्य असतं. तिथं इतिहास मौन पाळतो. त्या गाळलेल्या जागी असंच घडलं असावं, असं छातीठोकपणे सांगता येत नाही. अशा रीक्त जागा इतिहासकारांना कुणावरही अन्याय न करता साकल्यानं भरून काढता येतात. जसं की, तुम्ही एखाद्या मध्ययुगीन किल्ल्यावर गेलात, तर मध्येच अशा काही अंधारवाटा लागतात. तशा अंधारवाटा आपण गतायुष्यातील अनुभव आणि सहज तर्क लावून पार करतो. इतिहासाच्या क्षेत्रात सुद्धा विवेकाची किनार धरून अशा अंधारवाटा पार करता येतात. ते फार कठीण काम नाही. एखाद्या विशिष्ट प्रसंगी इतिहास बोलत नसेल तर त्याला वेगळ्या पद्धतीनं बोलतं करता येतं.”

Additional information

Additional information

Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
Reviews (0)

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Ithihas Mithak Ani Tathya”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More Products

Shakha Vyavasthapan

₹250.00

URBAN banks and credit societies have many branches. Which represent as if a battle field. The managers, workers (Personnel) and their working skill is a weapon which decides the result of the war battle. The efficiency of them provide success to the institute. The responsibility of the branches through branch manager and other workers, their co-operative communication with the main branch and all about such related matters are gets guidelines through this precious book. This is new and revised editions of the old book.

Bhartachi Rashtriy Pratike

₹50.00

As a responsible citizen each one needs to now about the symbols of and about India. The coming generation can get it through this book so as to feel proud about India. The pictures information of the 20 symbols are beautiful and representing India’s cultural reference.

Vanaspatinchi Adbhut Karyashaili

₹100.00

The ife in the form of regation has existed on the earth since thousands of years before animals came into being. The various mystical life protecting and life propogating qualifies lies in the plant Kingdom. The various varities of the plants, their capacity of accomodating with environment and changing climatic conditions are discussed with different mechanical systems by Prof. Kishore Nene.

Adbhut Pakshi Vishwa

₹140.00

How does a bird fly? How does it build a nest and how their breeding takes place are the queries of inquisitive men. In this book many such questions are answered. The collective life of the birds the meaning of their different chatter, twitter or tweet and other sounds made by them are the matters discussed with the scientific biological knowledge by Dr. Mrs. Pratibha Sahasrabuddhe in this book. We get knowledge of the Bird Kingdom through it.

Manakshar

₹249.00

पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।