Prakash Parv

150.00

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Indigenous Technology for Smarter Mankind

200.00

India,with intelligent young generation,has potential to become Super power. We can create such scientists of world class when ween courage scientific temper in the students right from their teen-age.This book is outcome of author?s passion for above thought process. It is a compendium of his scientific articles published through newspapers, magazines, journals, souvenirs etc.This book will be feast for teenagers with quest for science and technology.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।

अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृभूमि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘भारत को भवà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अभाविप जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤­à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।

Geetatatva Pradip

130.00

A grate sent in the learning of the spirituality late shri B. R. Modak has describe the meaning of the Geeta a in short and precise manner through this book. Geeta can be interpreted and understood in different perspectives, the book is a valuable gift to all who love and honour Geeta.

Chakrvyuh

250.00

‘चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚ह’ ही à¤à¤• रहसà¥à¤¯, थरार आणि गूढतेने भरलेली कादंबरी आहे, जिचà¥à¤¯à¤¾ केंदà¥à¤°à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥€ आहे – à¤à¤• रहसà¥à¤¯à¤®à¤¯ मृतà¥à¤¯à¥‚, जो केवळ à¤à¤•ा माणसाचा नाही, तर अनेकांचà¥à¤¯à¤¾ आयà¥à¤·à¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ हादरवून टाकतो.

à¤à¤•ा नामवंत आणि लोकांचà¥à¤¯à¤¾ मनात विशेष सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ असलेलà¥à¤¯à¤¾ तंतà¥à¤°-मंतà¥à¤° व तांतà¥à¤°à¤¿à¤• विदà¥à¤¯à¤¾ निपà¥à¤£ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¤¾ मृतà¥à¤¯à¥‚ आतà¥à¤®à¤¹à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤¸à¤¾à¤°à¤–ा दिसतो. पण हा फकà¥à¤¤ योगायोग आहे का, की ही आहे à¤à¤• काळजीपूरà¥à¤µà¤• आखलेली योजना?

या पà¥à¤°à¤•रणाचा तपास घेतो सिनिअर इनà¥à¤¸à¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¤° अजिंकà¥à¤¯ वाघमारे – धारदार बà¥à¤¦à¥à¤§à¥€, थंड डोकं आणि à¤à¤ªà¤¾à¤Ÿà¤²à¥‡à¤²à¥€ निषà¥à¤ à¤¾ असलेला à¤à¤• तगडा अधिकारी. तपासाची सà¥à¤°à¥à¤µà¤¾à¤¤ साधी वाटत असली, तरी जसजसे धागे उलगडायला लागतात, तसतसे अजिंकà¥à¤¯ à¤à¤•ा अंधाऱà¥à¤¯à¤¾ आणि अनाकलनीय चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚हात अडकत जातो.

या चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚हात आहेत –

मà¥à¤–वटे घातलेली माणसं,

बाहेरून साधी वाटणारी पण आतून धोकादायक पातà¥à¤°à¤‚,

तांतà¥à¤°à¤¿à¤• शकà¥à¤¤à¥€à¤‚चा वापर करून खेळला गेलेला मानसिक खेळ,

आणि à¤à¤• असा शतà¥à¤°à¥‚, जो दिसत नाही… पण पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पावलावर सावलीसारखा उपसà¥à¤¥à¤¿à¤¤ आहे.

ही कथा आहे विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ आणि फसवणूक, तंतà¥à¤° आणि तपास, गà¥à¤¨à¥à¤¹à¤¾ आणि गूढतेचà¥à¤¯à¤¾ सीमारेषांवर चालणाऱà¥à¤¯à¤¾ शोधयातà¥à¤°à¥‡à¤šà¥€.

‘चकà¥à¤°à¤µà¥à¤¯à¥‚ह’ वाचताना तà¥à¤®à¥à¤¹à¤¾à¤²à¤¾ पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• पानावर नवीन पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ पडेल… आणि शेवटी उलगडेल à¤à¤• धकà¥à¤•ा देणारे सतà¥à¤¯, जे कदाचित कà¥à¤£à¤¾à¤²à¤¾à¤¹à¥€ अपेकà¥à¤·à¤¿à¤¤ नसेल!