Prakash Parv

150.00

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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Manakshar

249.00

पलà¥à¤²à¤µà¥€ लघाटे का जनà¥à¤® गà¥à¤µà¤¾à¤²à¤¿à¤¯à¤° (मधà¥à¤¯ पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶) में हà¥à¤† तथा वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) में निवासरत हैं। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने भूगोल विषय में à¤à¤®.à¤. à¤à¤µà¤‚ à¤à¤®. फिल. की उपाधि पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ की है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे à¤à¤• कंटेंट राइटर के रूप में कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ हैं।
शिकà¥à¤·à¤¾ à¤à¤µà¤‚ लेखन के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° से उनका जà¥à¤¡à¤¼à¤¾à¤µ लंबे समय से रहा है। उनà¥à¤¹à¥‹à¤‚ने उतà¥à¤¤à¤° पà¥à¤°à¤¦à¥‡à¤¶ के बबीना सà¥à¤¥à¤¿à¤¤ सेंटà¥à¤°à¤² सà¥à¤•ूल में पी. जी. शिकà¥à¤·à¤• के रूप में कारà¥à¤¯ किया है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ कलà¥à¤¯à¤¾à¤£ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) के गà¥à¤°à¥à¤•à¥à¤² विदà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¯ में शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा के रूप में तथा à¤à¤• कोचिंग संसà¥à¤¥à¤¾à¤¨ के à¤à¤¡à¤®à¤¿à¤¨ विभाग में भी कारà¥à¤¯ किया है। वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ में वे लेखन à¤à¤µà¤‚ कंटेंट निरà¥à¤®à¤¾à¤£ के कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤° में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ हैं तथा kuchnaya.com के फेसबà¥à¤• पेज के लिठबà¥à¤²à¥‰à¤— लेखन का कारà¥à¤¯ भी कर चà¥à¤•ी हैं।
लेखन के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ उनका रà¥à¤à¤¾à¤¨ बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनà¥à¤­à¤µà¥‹à¤‚, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की गहराईयों तथा समाज और पà¥à¤°à¤•ृति से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ विविध पहलà¥à¤“ं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूरà¥à¤£ ढंग से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन और जीवन-दरà¥à¤¶à¤¨ का सà¥à¤‚दर समनà¥à¤µà¤¯ दिखाई देता है।
साहितà¥à¤¯ के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रà¥à¤šà¤¿ है। वे सà¥à¤—म संगीत में विशारद की शिकà¥à¤·à¤¾ पूरà¥à¤£à¤¤à¤¾ की ओर अगà¥à¤°à¤¸à¤° हैं तथा गायन परीकà¥à¤·à¤¾à¤“ं में विशेष योगà¥à¤¯à¤¤à¤¾ पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ कर चà¥à¤•ी हैं।
उनकी रचनाà¤à¤ विभिनà¥à¤¨ साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताà¤à¤ ‘बालमन की उड़ान’ कावà¥à¤¯-संगà¥à¤°à¤¹ तथा मराठी पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• ‘फà¥à¤²à¥‹à¤°à¤¾’ में पà¥à¤°à¤•ाशित हो चà¥à¤•ी हैं। इसके अतिरिकà¥à¤¤ विभिनà¥à¤¨ ऑनलाइन साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• मंचों पर लेखन हेतॠउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ अनेक पà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£-पतà¥à¤° पà¥à¤°à¤¾à¤ªà¥à¤¤ हà¥à¤ हैं। साहितà¥à¤¯à¤¿à¤• योगदान के लिठउनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ चेतना मंच फेसबà¥à¤• पेज दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ टà¥à¤°à¥‰à¤«à¥€ से भी समà¥à¤®à¤¾à¤¨à¤¿à¤¤ किया गया है।
‘मनाकà¥à¤·à¤°’ उनकी पà¥à¤°à¤¥à¤® सà¥à¤µà¤¤à¤‚तà¥à¤° कावà¥à¤¯-कृति है। इस संगà¥à¤°à¤¹ में जीवन, पà¥à¤°à¥‡à¤®, रिशà¥à¤¤à¥‡, संघरà¥à¤·, आशा, पà¥à¤°à¤•ृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शबà¥à¤¦à¥‹à¤‚ के माधà¥à¤¯à¤® से अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤ करने का पà¥à¤°à¤¯à¤¾à¤¸ किया गया है। उनका विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ है कि शबà¥à¤¦ केवल अभिवà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ का माधà¥à¤¯à¤® नहीं, बलà¥à¤•ि मन से मन तक पहà¥à¤à¤šà¤¨à¥‡ वाला à¤à¤• सशकà¥à¤¤ सेतॠहैं।

Shree Kshetra Pandharpur Darshan

40.00

The holy pilgrim place Pandharpur is a seat of valuable centre of religions faith in Maharashtra. This book is useful of the guideline before visiting God Vitthal at Pandharpur.

Shikshanachi Vatchal

100.00

शिकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤šà¥€ वाटचाल हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥€ व पालकांसाठी पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾à¤¦à¤¾à¤¯à¥€ आहे. सौ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ घोरमाडे या जिलà¥à¤¹à¤¾ परिषद शाळेत शिकà¥à¤·à¤¿à¤•ा असून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे पती शà¥à¤°à¥€ सà¥à¤°à¥‡à¤‚दà¥à¤° घोरमाडे सेवानिवृतà¥à¤¤ शिकà¥à¤·à¤• आहेत. तà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे मूळ गाव नागपूर (गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£) तहसील येथील चिचोली (फेटरी) आहे. गà¥à¤°à¤¾à¤®à¥€à¤£ भागातील अनेक विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥à¤¯à¤¾à¤‚साठी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी शैकà¥à¤·à¤£à¤¿à¤• कारà¥à¤¯ केले. गरीब कà¥à¤Ÿà¥à¤‚बात जनà¥à¤®à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ पती-पतà¥à¤¨à¥€à¤¨à¥‡ अनेक संकटांना तोंड देऊन यशसà¥à¤µà¥€à¤ªà¤£à¥‡ रिषभ व कà¥à¤·à¤¿à¤¤à¤¿à¤œ या दोन मà¥à¤²à¤¾à¤‚चे संगोपन केले. अतà¥à¤¯à¤‚त कठीण पà¥à¤°à¤¸à¤‚गात देखील शिकà¥à¤·à¤£à¤¾à¤¸ पà¥à¤°à¤¾à¤§à¤¾à¤¨à¥à¤¯ देत विविध अनà¥à¤­à¤µà¤¾à¤‚दà¥à¤µà¤¾à¤°à¥‡ नीती मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚चे संसà¥à¤•ार करून तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ना सà¥à¤œà¤¾à¤£ नागरिक केले. सौ.अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ यांचà¥à¤¯à¤¾ धाडसाची आणि कषà¥à¤Ÿà¤¾à¤šà¥€ ही कथा मातृतà¥à¤µà¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ आणि पालकतà¥à¤µà¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ करà¥à¤¤à¤µà¥à¤¯à¤¾à¤²à¤¾ तसेच नैतिक मूलà¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ असà¥à¤¤à¤¿à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤²à¤¾ अधोरेखित करते. पवितà¥à¤° विचारांनी सà¥à¤‚दर à¤à¤¾à¤²à¥‡à¤²à¥à¤¯à¤¾ या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ास लेखिका सौ. अरà¥à¤šà¤¨à¤¾ सà¥à¤°à¥‡à¤‚दà¥à¤° घोरमाडे यांनी शबà¥à¤¦à¤¬à¤¦à¥à¤§ केले आहे.

Bhartachi Avkash Jhep

120.00

India has recently leaped in the space and has placed itself in the major 5-6 powerful countries. By developing our own space-technology, India has established a series of satellites in space besides helping other countries in this field. The fullscaped information about Indias space ship campaign can be made known through this book. The book is interesting informative and thrilling.