Saad

120.00

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Weight 140 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Suvachne Tukobanchi

200.00

लेखक परिचय –
32 वर्षे विज्ञान विषय शिकवण्याचा अनुभव.
ग्रामीण भागात वाचन संस्कृती रुजवण्यासाठी मोफत पुस्तक भिशी योजनेचे जनक.
वैज्ञानिक दृष्टिकोन रुजवण्यासाठी आदिवासी भागामध्ये अनेक उपक्रमांचे आयोजन.
शासनामार्फत आयोजित तालुका व जिल्हास्तरीय विज्ञान प्रदर्शन आयोजनात मोलाचा वाटा.
विविध विषयावर महाराष्ट्रातील विविध भागात दिडहजार पेक्षा जास्त मोफत व्याख्याने.
शासन व विविध संस्थांचे 150 पेक्षा जास्त आदर्श शिक्षक पुरस्कार.
मूल्य शिक्षणावर आधारित “ज्ञान कण “,
शास्त्रज्ञ परिचय करून देणारे “विज्ञान प्रेरणा ” या दोन पुस्तकांचे लेखन.
कविता मूलद्रव्याची हा काव्यसंग्रह प्रकाशित.
कविता शास्त्रज्ञांच्या व कविता जाणिवांच्या हे दोन ई- बुक कविता संग्रह प्रकाशित.
कविता मूलद्रव्याची या मराठी काव्यसंग्रहाचे इंग्रजी व फिलिपिनो भाषेत रूपांतर.

Ardas

165.00

सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।

Man Tarang

100.00

On a rare occasion, the deep mind, gives expression to the hidden shell in the sea of mind dispersing the pearls in it on the foreground of written form of the poems. The poems in this book may not be called as ideal and are not possible to be sung on yet they are honest in their feelings.