Description
Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.
Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.
| Weight | 100 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° देवदास बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡ यांचे कथा कावà¥à¤¯ नाटक ‘यशोधरा’ कथेतून हळूहळू à¤à¤• वेगळी, खोल आणि असà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ करणारी वाट उघडत जाते. हे नाटक इतिहासाला सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤šà¥à¤¯à¤¾ नजरेतून नवà¥à¤¯à¤¾à¤¨à¥‡ बघायला à¤à¤¾à¤— पाडते. या नाटà¥à¤¯à¤¾à¤¤ यशोधरा केवळ तà¥à¤¯à¤¾à¤—ाची, मौनाची किंवा सहनशीलतेची सावली मà¥à¤¹à¤£à¥‚न उà¤à¥€ राहात नाही, तर ती विचार करते. पà¥à¤°à¤¶à¥à¤¨ विचारते.
डॉ. विदà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤° बनà¥à¤¸à¥‹à¤¡
हे नाटक वाचताना सतत जाणवत राहते की तà¥à¤¯à¤¾à¤‚ची शैली काहीतरी वेगळे सà¥à¤šà¤µà¤¤à¥‡. कथेकरीचà¥à¤¯à¤¾ माधà¥à¤¯à¤®à¤¾à¤¤à¥‚न उलगडत जाणारे हे नाटà¥à¤¯ शबà¥à¤¦à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ पलीकडे जाऊन वाचकाचà¥à¤¯à¤¾ मनाला आणि मेंदूला अंतरà¥à¤®à¥à¤– करते. यशोधरा हे पारंपरिक अरà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‡ à¤à¤¤à¤¿à¤¹à¤¾à¤¸à¤¿à¤• नाटक नाही; तसेच ते केवळ सà¥à¤¤à¥à¤°à¥€à¤µà¤¾à¤¦à¥€ घोषणा करणारे लेखनही नाही.
कथाकावà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥à¤¯à¤¾ या अनोखà¥à¤¯à¤¾ शैलीतून असे नाटà¥à¤¯ लिहिणे आणि सादर करणे अतà¥à¤¯à¤‚त आवà¥à¤¹à¤¾à¤¨à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤• आहे. ‘यशोधरा’ साठी तà¥à¤¯à¤¾à¤‚नी केलेले सखोल संशोधन, विविध दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोनांतून केलेले चिंतन, मनन आणि वैचारिक पà¥à¤°à¤—लà¥à¤à¤¤à¤¾ यांचा हा परिपाक आहे. जे वाचकांना केवळ à¤à¤• अनà¥à¤à¤µà¤š देत नाही, तर à¤à¤• नवी वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• वैचारिक दृषà¥à¤Ÿà¥€ देते.
The ife in the form of regation has existed on the earth since thousands of years before animals came into being. The various mystical life protecting and life propogating qualifies lies in the plant Kingdom. The various varities of the plants, their capacity of accomodating with environment and changing climatic conditions are discussed with different mechanical systems by Prof. Kishore Nene.
P.T. Usha is one of the best runner player of India the book is a living data of the physical and mental hard and passionate efforts, She made to get the derived success.
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
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