Tahanlel Bet

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महेश लातूरकर हे रहस्यकथा लेखक आणि इतिहास अभ्यासक असून प्रस्तुत पुस्तक हे त्यांचे दुसरे पुस्तक आहे.
त्यांनी लिहिलेल्या “शापित सौंदर्य” या गाजलेल्या रहस्यमय भय कादंबरीच्या दोन आवृत्ती प्रकाशित झाल्या आहेत. याच पुस्तकाकरिता त्यांना “भारतीय समाज विकास अकादमी” चा सन 2012 वर्षाचा उत्कृष्ट लेखक या पुरस्काराने सन्मानीत करण्यात आले आहे.
त्यांचे शिक्षण एम. कॉम ( फायनान्स ) आणि पीजी. डी. एफ. एम ( मुंबई विद्यापीठ ) असे झालेले आहे. तसेच यांना ज्योतिषाची आवड असून त्यांनी संशोधनात्मक “ज्योतिष आचार्य” आणि “अंकशास्त्रज्ञ” या पदव्या प्राप्त केलेल्या आहेत, या विषयांमध्ये ते पारंगत आहेत.
सध्या ते मागील काही वर्षापासून “छत्रपती संभाजी महाराज” यांच्या पूर्ण जीवनावर आधारित ऐतिहासिक कादंबरी लिहित आहेत.
लेखनासोबतच ते मराठी भाषा, मराठी शाळा आणि इतिहास संवर्धन, जतन संबंधित विविध संघटनांशी आणि चळवळीशी प्रत्यक्ष सहभागी असून कार्यरत आहेत.

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Description

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तहानलेलं बेट ही एक अत्यंत उत्कंठावर्धक आणि गूढ रहस्यमय कादंबरी असून यात लेखकांनी रहस्य आणि थरार यांचा सुरेख संगम साधला आहे.
निसर्गाच्या नियमित चक्राला आव्हान देण्याचं साहस करण्यात विज्ञान काही प्रमाणात यशस्वी होत असलं तरी त्याला बऱ्याच मर्यादा आहेत.
अनाकलनीय घडणाऱ्या घटनांचा वेध घेत कथानकातील पात्र एका वेगळ्याच वळणावर येऊन थांबतात, तेथून ते स्वतःचाच गत इतिहास गुपित काळाच्या प्रवाहात उलगडत जातात, याच धक्कादायक वळणावर सुरू होत एक द्वंद, मानवी स्वभाव, भावना, लोभ, कुतूहल आणि दैवी चमत्कार.
प्रस्तुत कादंबरी रहस्य, प्रेम, द्वेष, नात्यांची गुंतागुंत आणि अशक्यप्राय साहस यांनी गुंफलेली आहे ती वाचकांना एक अनोखा आणि रोमांचक अनुभव देईल.

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Weight 0.300 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
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The Rules Of Memory

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Enhancement of Academic Skills For Every Student The Salient Features of the Book are 1 It is a comprehensive book on 10 scientific principles of memory based on the fundamental principles of neurology to enhance memory. 2 This book would be useful to everyone of any field whosoever wishes to enhance their memory skills. 3 This book will definitely be useful for students from high school grade to undergraduate and even postgraduate students for improving their memory skills. 4 It would surely be a useful manual, guidebook or a self-help companion to students regarding, how to study effectively ? Particularly ,in today?s era of information explosion from multiple sources. 5 It would surely be helpful for students for preparing for various types of entrance examinations like Medical and Engineering entrances and preparing for various competitive examinations as well. 6 The book discusses simple easily understandable methods of how to apply various memory techniques with simple examples. 7 The author has made a conscious effort to keep the book as simple as possible, small and concise and away from technical jargons.

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पल्लवी लघाटे का जन्म ग्वालियर (मध्य प्रदेश) में हुआ तथा वर्तमान में वे कल्याण (महाराष्ट्र) में निवासरत हैं। उन्होंने भूगोल विषय में एम.ए. एवं एम. फिल. की उपाधि प्राप्त की है। वर्तमान में वे एक कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं।
शिक्षा एवं लेखन के क्षेत्र से उनका जुड़ाव लंबे समय से रहा है। उन्होंने उत्तर प्रदेश के बबीना स्थित सेंट्रल स्कूल में पी. जी. शिक्षक के रूप में कार्य किया है। इसके अतिरिक्त कल्याण (महाराष्ट्र) के गुरुकुल विद्यालय में शिक्षिका के रूप में तथा एक कोचिंग संस्थान के एडमिन विभाग में भी कार्य किया है। वर्तमान में वे लेखन एवं कंटेंट निर्माण के क्षेत्र में सक्रिय हैं तथा kuchnaya.com के फेसबुक पेज के लिए ब्लॉग लेखन का कार्य भी कर चुकी हैं।
लेखन के प्रति उनका रुझान बचपन से ही रहा है। मन की संवेदनाओं, जीवन के अनुभवों, रिश्तों की गहराईयों तथा समाज और प्रकृति से जुड़े विविध पहलुओं को वे अपनी रचनाओं में सहजता और भावपूर्ण ढंग से अभिव्यक्त करती हैं। उनकी लेखनी में संवेदनशीलता, आत्मचिंतन और जीवन-दर्शन का सुंदर समन्वय दिखाई देता है।
साहित्य के साथ-साथ संगीत में भी उनकी विशेष रुचि है। वे सुगम संगीत में विशारद की शिक्षा पूर्णता की ओर अग्रसर हैं तथा गायन परीक्षाओं में विशेष योग्यता प्राप्त कर चुकी हैं।
उनकी रचनाएँ विभिन्न साहित्यिक मंचों पर सराही गई हैं। उनकी कविताएँ ‘बालमन की उड़ान’ काव्य-संग्रह तथा मराठी पुस्तक ‘फुलोरा’ में प्रकाशित हो चुकी हैं। इसके अतिरिक्त विभिन्न ऑनलाइन साहित्यिक मंचों पर लेखन हेतु उन्हें अनेक प्रमाण-पत्र प्राप्त हुए हैं। साहित्यिक योगदान के लिए उन्हें चेतना मंच फेसबुक पेज द्वारा ट्रॉफी से भी सम्मानित किया गया है।
‘मनाक्षर’ उनकी प्रथम स्वतंत्र काव्य-कृति है। इस संग्रह में जीवन, प्रेम, रिश्ते, संघर्ष, आशा, प्रकृति और मानवीय भावनाओं के विविध रंगों को शब्दों के माध्यम से अभिव्यक्त करने का प्रयास किया गया है। उनका विश्वास है कि शब्द केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं, बल्कि मन से मन तक पहुँचने वाला एक सशक्त सेतु हैं।

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