Description
This is the only book available on Vedic Mathematics English. It is useful to the students of Graduate level.
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| Weight | 300 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
ननà¥à¤¦à¤•िशोर रघà¥à¤¨à¤¾à¤¥ पतà¥à¤¤à¤°à¤•िने ॠसपà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚बर १९४५ à¤à¤®. à¤. (इंगà¥à¤°à¤œà¥€ साहितà¥à¤¯, संसà¥à¤•ृत, à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨) साहितà¥à¤¯à¤°à¤¤à¥à¤¨ (हिनà¥à¤¦à¥€) शासà¥à¤¤à¥à¤°à¥€ (संसà¥à¤•ृत) इंगà¥à¤°à¤œà¥€ अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ पदविका, उचà¥à¤š जरà¥à¤®à¤¨ पदविका, फà¥à¤°à¥‡à¤¨à¥à¤š व तेलगॠपà¥à¤°à¤®à¤¾à¤£à¤ªà¤¤à¥à¤° â—† संसà¥à¤¥à¤¾à¤•ारà¥à¤¯ – कारà¥à¤¯à¤µà¤¾à¤¹, संसà¥à¤•ृत-à¤à¤¾à¤·à¤¾-पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤°à¤¿à¤£à¥€ सà¤à¤¾, नागपूर. कारà¥à¤¯à¤•ारी संपादक. संसà¥à¤•ृत à¤à¤µà¤¿à¤¤à¤µà¥à¤¯à¤®à¥ सदसà¥à¤¯, संसà¥à¤•ृत अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ मंडल अमरावती विदà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€à¤ • सहयोगी अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• पदवà¥à¤¯à¥à¤¤à¥à¤¤à¤° à¤à¤¾à¤·à¤¾à¤µà¤¿à¤œà¥à¤žà¤¾à¤¨ विà¤à¤¾à¤—, नागपूर विदà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥€à¤ अà¤à¥à¤¯à¤¾à¤—त अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤•ा आंगà¥à¤²à¥€ […]
सत शà¥à¤°à¥€ अकाल, दास अजीत सिंह à¤à¤²à¥à¤²à¤¾ सिख धरà¥à¤® के सिदà¥à¤§à¤¾à¤‚तों और गà¥à¤°à¥à¤¬à¤¾à¤£à¥€ के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गहरा विशà¥à¤µà¤¾à¤¸ रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गà¥à¤°à¥à¤“ं के जीवन तथा गà¥à¤°à¤®à¤¤ विचारधारा का गहन अधà¥à¤¯à¤¯à¤¨ किया है।
इस पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• के माधà¥à¤¯à¤® से लेखक का उदà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥à¤¯ यà¥à¤µà¤¾ पीढ़ी तथा जिजà¥à¤žà¤¾à¤¸à¥ पाठकों तक सिख गà¥à¤°à¥à¤“ं की शिकà¥à¤·à¤¾à¤“ं को सरल और सहज à¤à¤¾à¤·à¤¾ में पहà¥à¤à¤šà¤¾à¤¨à¤¾ है, ताकि वे गà¥à¤°à¥ परंपरा के आधà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥à¤®à¤¿à¤• और सामाजिक संदेश को समठसकें।
लेखक ने इससे पूरà¥à¤µ गà¥à¤°à¥ अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• लिखी है। इसके अतिरिकà¥à¤¤ सिख गà¥à¤°à¥ और मराठा संतों की सामाजिक à¤à¥‚मिका पर आधारित पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• “दो धाराà¤à¤ à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ाश” à¤à¥€ लिखी है।
लेखन और अधà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤¨ के साथ-साथ लेखक धरà¥à¤®-पà¥à¤°à¤šà¤¾à¤° तथा समाज जागरण के कारà¥à¤¯à¥‹à¤‚ में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯ रूप से संलगà¥à¤¨ हैं।
वाहेगà¥à¤°à¥ जी का खालसा।
वाहेगà¥à¤°à¥ जी की फतेह ।।
Gondawale is a place, where a yogi disciple gondawalekar Maharaj lived and has made the place consecrated. The full devotional attitude of the writer has guided the reader about the way how to devote himself to this shrine.
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