Yashashvi Honarach

₹70.00

The book is dedicates to the norms of enhancing self confidence and rightful positive thinking in the students, so as to face any problem.

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Description

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The book is dedicates to the norms of enhancing self confidence and rightful positive thinking in the students, so as to face any problem.

Additional information

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Weight 100 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
More Products

Bhajnanand

₹200.00

A great Devotee Neetatai Pulliwar has written some devotional songs/bhajanas. This is a book of them. Goden Sharda, Guru devine teacher, God Datta, God Vitthal are the subject of the poems which can be sung.

Jagtik Rasayan Shatradnya

₹180.00

In the international year of chemistry, the scientists in the field of chemistry who had contributed their results in the development and progress in chemistry have been informed. All prominent women and male scientist with their biographical information are given, associated with their photographs. The writer of the book is Shri. Prakash Manikpure.

Shree Mahanmangle

₹150.00

​शब्दांच्या दुनियेतील एक ऋषितुल्य व्यक्तिमत्व…
​नागपूरच्या मातीतील एक प्रगल्भ कवी, संवेदनशील लेखक आणि जनसंपर्क क्षेत्रातील एक अनुभवी नाव म्हणजे अमोल दिलीपराव तपासे. राष्ट्रसंत तुकडोजी महाराज नागपूर विद्यापीठातून ‘जनसंवाद’ विषयात पदव्युत्तर पदवी संपादन केलेल्या अमोलजींच्या लेखणीत समाजाचा आरसा आणि मातीचा सुगंध दोन्ही आढळतात. स्फूर्तीगीते, ओतप्रोत देशभक्तीपर रचना, भावविभोर भावगीते, भक्तीमय भजने आणि वैविध्यपूर्ण काव्यसंग्रह असा त्यांचा प्रदीर्घ साहित्यिक प्रवास आहे. त्यांचे वैचारिक लेख आणि कविता महाराष्ट्रातील नामांकित वृत्तपत्रांतून व सोशल मीडियावरून सातत्याने वाचकांच्या भेटीला येत असतात, ज्यातून समाजमनाचा वेध घेतला जातो. अखिल भारतीय मराठी साहित्य संमेलनाच्या मानाच्या व्यासपीठावर काव्य सादरीकरण करण्याचा बहुमान त्यांना प्राप्त झाला आहे, ही त्यांच्या काव्यप्रतिभेची मोठी पावती आहे. ​त्यांचा ‘श्रीमहन्मंगले’ हा काव्यसंग्रह म्हणजे राष्ट्रचिंतन आणि भक्तीरसाचा एक अजोड संगम आहे. त्यांच्या प्रगल्भ वैचारिक मांडणीचा आणि उत्कट शब्दकलेचा हा संग्रह एक जिवंत पुरावाच आहे. सध्या त्यांची काही नवीन पुस्तके प्रकाशनाच्या वाटेवर असून रसिक वाचकांसाठी ती पर्वणीच ठरेल.

Athang Antaralacha Vedh

₹125.00

God is described as the master of the boundless space of the universe. Our solar system is scientifically made known now to a certain extent and there is too much to be known as yet. There are crores of galaxies in the space beyond. which is vast and fathomless area. A well known writer of scientific facts Dr. Madukar Apte has written about this vast space.

Akhand Bharat ke Swar

₹200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।