Bhagyaresha

150.00

“‘भाग्यरेषा’ काव्यसंग्रहाची खास वैशिष्ट्ये

निसर्गाचा आल्हाद आणि बदलते रूप

सामाजिक जीवनातील खदखद व वास्तव

आध्यात्मिक उंची आणि अंधश्रद्धेवर प्रहार

स्त्रीचे रूप, व्यथा आणि सामर्थ्य

भ्रष्टाचार, राजकारण, शेतकरी व समाजातील समस्या

भावनांची विविधता – कोमल भावस्पर्शी कविता, तितक्याच प्रभावी सामाजिक आणि विचारप्रवर्तक कविता.

अद्वितीय शब्दफेक आणि लयबद्धता – प्रत्येक कवितेतून उमलणारा नवा भावार्थ.

‘भाग्यरेषा’ : जीवनाचे सार शब्दबद्ध करणारा काव्यसंग्रह”

10 in stock

Compare
SKU: 570 Categories: ,
Description

Description

“‘भाग्यरेषा’ काव्यसंग्रहाची खास वैशिष्ट्ये

निसर्गाचा आल्हाद आणि बदलते रूप

सामाजिक जीवनातील खदखद व वास्तव

आध्यात्मिक उंची आणि अंधश्रद्धेवर प्रहार

स्त्रीचे रूप, व्यथा आणि सामर्थ्य

भ्रष्टाचार, राजकारण, शेतकरी व समाजातील समस्या

भावनांची विविधता – कोमल भावस्पर्शी कविता, तितक्याच प्रभावी सामाजिक आणि विचारप्रवर्तक कविता.

अद्वितीय शब्दफेक आणि लयबद्धता – प्रत्येक कवितेतून उमलणारा नवा भावार्थ.

‘भाग्यरेषा’ : जीवनाचे सार शब्दबद्ध करणारा काव्यसंग्रह”

Additional information

Additional information

Weight 0.2 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
Reviews (0)

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Bhagyaresha”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More Products

Sastan Prani

70.00

Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Stree Vividha

70.00

Some incidents in the lives of the historical women, the factors relating to their health, competitions and beauty contest of and other aspects has been provided in this book. The achievements women got in different fields of life have also been described.

Anu – Renutil Srushti

60.00

The minute particles of the atom are electron proton and Nutron which were suppossed to be basic elements for a long period. After further minute research in scientific field, scientist discovered still minute particals called ‘quark’ which however survive for a short period. It is now an established belief that the study of these particals will reveal the origin of the universe. In this book the information about these minute elements which cannot be seen through microscopes is given by Dr. Madhukar Apte.

Kanik Neeti

30.00

This book in Hindi is about Maharshi Kanik who was India’s grate political advisor. Political, commercial, industrial management guideline from Indian point a view are found in it, while studying about for thinking one can know precious vision of Indians simultaneously.