Additional information
| Weight | 250 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 250 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
“‘भाग्यरेषा’ काव्यसंग्रहाची खास वैशिष्ट्ये
निसर्गाचा आल्हाद आणि बदलते रूप
सामाजिक जीवनातील खदखद व वास्तव
आध्यात्मिक उंची आणि अंधश्रद्धेवर प्रहार
स्त्रीचे रूप, व्यथा आणि सामर्थ्य
भ्रष्टाचार, राजकारण, शेतकरी व समाजातील समस्या
भावनांची विविधता – कोमल भावस्पर्शी कविता, तितक्याच प्रभावी सामाजिक आणि विचारप्रवर्तक कविता.
अद्वितीय शब्दफेक आणि लयबद्धता – प्रत्येक कवितेतून उमलणारा नवा भावार्थ.
‘भाग्यरेषा’ : जीवनाचे सार शब्दबद्ध करणारा काव्यसंग्रह”
सत श्री अकाल, दास अजीत सिंह भल्ला सिख धर्म के सिद्धांतों और गुरुबाणी के प्रति गहरा विश्वास रखते हैं। आपने सिख इतिहास, गुरुओं के जीवन तथा गुरमत विचारधारा का गहन अध्ययन किया है।
इस पुस्तक के माध्यम से लेखक का उद्देश्य युवा पीढ़ी तथा जिज्ञासु पाठकों तक सिख गुरुओं की शिक्षाओं को सरल और सहज भाषा में पहुँचाना है, ताकि वे गुरु परंपरा के आध्यात्मिक और सामाजिक संदेश को समझ सकें।
लेखक ने इससे पूर्व गुरु अमरदास जी (तीसरे नानक जी) के जीवन पर आधारित पुस्तक लिखी है। इसके अतिरिक्त सिख गुरु और मराठा संतों की सामाजिक भूमिका पर आधारित पुस्तक “दो धाराएँ एक प्रकाश” भी लिखी है।
लेखन और अध्यापन के साथ-साथ लेखक धर्म-प्रचार तथा समाज जागरण के कार्यों में सक्रिय रूप से संलग्न हैं।
वाहेगुरु जी का खालसा।
वाहेगुरु जी की फतेह ।।
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