Kavya Suman

200.00

नाव : डॉ. सुनिता गजभिये
शिक्षण : एम.बी.बी.एस., एम.डी. सूक्ष्मजीवशास्र   (Microbillogy)
व्यवसाय : प्राध्यापिका, सूक्ष्मजीवशास्त्र विभाग
शासकीय वैद्यकीय महाविद्यालय, नागपूर
आवड : मराठी, हिंदी आणि इंग्रजी भाषेत
अनेक कविता लिहिल्या आहेत

5 in stock

Compare
SKU: 584 Categories: ,
Description

Description

‌‘काव्य सुमन‌’ हा कविता संग्रह तुमच्यासमोर प्रस्तुत करतांना मला खूप आनंद होतो आहे. आपण हा संग्रह लिहू शकलो हयाचं मनाला खूप समाधान आहे. निरनिराळ्या अनुभवातुन व निरनिराळे लोक पाहून हया संग्रहाची कल्पना आली होती. ही कल्पना आता सकारात्मक रूप देऊन तुमच्या समोर ‌‘काव्य सुमन‌’ या नावाने प्रस्तुत करते. माझ्या जीवनाशी निगडीत असलेले, माझ्या कुटुंबातले सर्व व्यक्तिंचे, प्रेम, संयम आणि जिव्हाळा हे माझ्यासाठी आधारस्तंभ आहे. त्यांच्या सहयोगाशिवाय हे लिखाण अशक्य होते.

Additional information

Additional information

Weight 0.2 kg
Dimensions 24 × 16 × 3 cm
Reviews (0)

Reviews

There are no reviews yet.

Be the first to review “Kavya Suman”

Your email address will not be published. Required fields are marked *

More Products

Sarvajanik G. Margadarshak

200.00

This book provides information about publications in Vidarbha.It includes information about publishers with their addresses, prices of books and subjects, school and college libranies, book sellers, literate readers, newspaper sellers. Those who wish to enter in the field of publication. (as to make business) must read this book.

Swasth Sukte Sankshipt

50.00

In the Aayurveda, the Indians had studied and established the health of all members in the society in full extent. In this book are can read and know about 10 Sanskrit shlokas out of 20 in Marathi transfer. The right concept about the health can beg of through this book.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।

अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।

Patsanstha Formats

550.00

The forms required by all credit societies for the loan, debt and other working are available here in this book. Different types of forms, documents for different purpose, information section, seizure department, branch sections, loan and debt section etc.

Multistate Co-op. Act

550.00

Almost all urban banks and credit societies are registering themselves under multistate co-operative law which was in English only. Now we are publishing it in Marathi, so as to become useful to all.