Additional information
| Weight | 130 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 130 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
The grate scientist of this from India, Dr. Homi Bhabha, who established many scientific institutions during his life and many promising scientist have gained inspiration from him, When he was alive and even after death. He has remained a source of inspiration. This book is a homage with all possible information about his life and his devotion to science. It includes various pictures related to his dicoveries and inventions.
Our children are surrounded by many types of dangers. We aught to make them aware about visible and invisible zones of danger the only book of this type available in Marathi
“विचारांचा कॅनवà¥à¤¹à¤¾à¤¸â€ हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• मà¥à¤¹à¤£à¤œà¥‡ डॉ. नीता देशपांडे यांचा अनà¥à¤à¤µ, आतà¥à¤®à¤šà¤¿à¤‚तन आणि जीवनदृषà¥à¤Ÿà¥€ यांचा सà¥à¤°à¥‡à¤– संगम आहे. या लेखसंगà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤¤à¥€à¤² पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¥‡à¤• लेख, हा केवळ शबà¥à¤¦à¤¾à¤‚चा संच नाही, तर विचारांचा à¤à¤• सखोल पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¸ आहे — जिथे वाचकाला सà¥à¤µà¤¤à¤ƒà¤šà¤¾ आरसा दिसतो.
शिकत असताना आणि शिकवताना आलेले अनà¥à¤à¤µ, विदà¥à¤¯à¤¾à¤°à¥à¤¥à¥à¤¯à¤¾à¤‚शी संवाद साधताना उमजलेली मनोवृतà¥à¤¤à¥€, समाजातील बदलती मूलà¥à¤¯à¤µà¥à¤¯à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ आणि लहानपणाचà¥à¤¯à¤¾ आठवणींमधून साकारलेले विचार, हे सारे या पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ाचà¥à¤¯à¤¾ पानोपानी जिवंत à¤à¤¾à¤¸à¤¤à¥‡. लेखिकेची à¤à¤¾à¤·à¤¾ ही सहज, सोपी आणि तरीही हृदयाला à¤à¤¿à¤¡à¤£à¤¾à¤°à¥€ आहे. हे पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤• वाचकाला अंतरà¥à¤®à¥à¤– करणारे, विचारांना चालना देणारे आणि जीवनाकडे पाहणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¤¾ दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोन अधिक वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤• करणारे ठरेल, अशी खातà¥à¤°à¥€ आहे.
अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।
अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड à¤à¤¾à¤°à¤¤ तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर à¤à¥€ अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता à¤à¥€ बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृà¤à¥‚मि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘à¤à¤¾à¤°à¤¤ को à¤à¤µà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अà¤à¤¾à¤µà¤¿à¤ª जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।
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