Additional information
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 150 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
We tell the stories of Isapniti to the children, which are useful for the elderly people also, It includes the vision of management and wisdom and speaks about our traditional life. The essence of Isapniti is found in this book
📖 पुस्तकाची वैशिष्ट्ये
• विविध विषयांचे भाषणसंग्रह – अनेक विषयांवरील भाषणे एकत्रितपणे वाचण्याची संधी.
• थोर व्यक्तिमत्त्वांची ओळख – अनेक महान पुरुषांच्या जीवनचरित्राचा परिचय आणि त्यातून प्रेरणा.
• भाषणकलेचे मार्गदर्शन – भाषणाची भाषा, वापरायचे श्लोक, सुवचने व कविता यांचा उत्तम संदर्भ.
• थोडक्यात अधिक सांगण्याची कला – कमी वेळात विषय अधिक व्यापकपणे मांडण्याचे तंत्र.
• वर्तमान घटनांचा अभ्यास – देशात घडणाऱ्या घटनांचा विवेचनात्मक दृष्टिकोन.
• बहुश्रुत होण्याची संधी – ज्ञानाची व्याप्ती वाढवून अधिक समृद्ध होण्यास मदत.
• भाषेतील शुद्धता – समर्पक शब्द, अचूक वाक्यरचना आणि व्याकरणदृष्ट्या शुद्धलेखनाची सवय.
• विचारांची खोली व श्रोत्यांवर प्रभाव – विषय अचूकपणे मांडण्याचे आणि श्रोत्यांच्या मनाचा ठाव घेण्याचे कौशल्य.
अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।
अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।
The Islamic role is expanded on a large area the population of it too is vast The distructive deeds by this Eslamic Society has frightened the world along with India and also has made the world cautious. Many sensational events are occuring here and there which we cant even imagin. We observe that at each day some sort of change is taking place, somewhere in the Islamic country. This book describes the Islimic world of the 21st century. It is not a book about the study of Islamic religion, nor does it. Comment on their philosophy. It only tells about the happenings in that world, so as to make the reader know in details about the flow of events.
Select at least 2 products
to compare