Nayee Soch

60.00

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Weight 30 kg
Dimensions 21.5 × 14 cm
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Sastan Prani

70.00

Mammals is a still another phylum of the animal kingdom. In the series and nature, we can read about the types, mannerisms, habitats of the important animals in the mammal type.

Akhand Bharat ke Swar

200.00

अकà¥à¤·à¤¯ पà¥à¤·à¥à¤ªà¤¾ पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤•र राजूरकर मà¥à¤–à¥à¤¯ रूप से आषà¥à¤Ÿà¥€, जिला वरà¥à¤§à¤¾ (महाराषà¥à¤Ÿà¥à¤°) से जà¥à¤¡à¤¼à¥‡ à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾, ओजसà¥à¤µà¥€ और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संगà¥à¤°à¤¹ उनके पà¥à¤°à¤–र राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦à¥€ विचारों, सामाजिक सरोकारों और à¤à¤• संघरà¥à¤·à¤°à¤¤ यà¥à¤µà¤¾ के अंतरà¥à¤®à¤¨ का सजीव दसà¥à¤¤à¤¾à¤µà¥‡à¤œà¤¼ है।

अकà¥à¤·à¤¯ की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशपà¥à¤°à¥‡à¤®’ की गहरी छाप है। वे छतà¥à¤°à¤ªà¤¤à¤¿ शिवाजी महाराज, लोकमानà¥à¤¯ तिलक, चंदà¥à¤°à¤¶à¥‡à¤–र आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥€à¤¯ नायकों से अतà¥à¤¯à¤‚त पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राजà¥à¤¯’ की पà¥à¤¨à¤°à¥à¤¸à¥à¤¥à¤¾à¤ªà¤¨à¤¾ का सà¥à¤µà¤ªà¥à¤¨ देखते हैं।
इतिहास और संसà¥à¤•ृति के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मà¥à¤¦à¥à¤¦à¥‹à¤‚- जैसे पूरà¥à¤µà¥‹à¤¤à¥à¤¤à¤° (मणिपà¥à¤°) की सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿, आतंकवाद, जी-20 समà¥à¤®à¥‡à¤²à¤¨ और वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माधà¥à¤¯à¤® से बेबाक और तीखा पà¥à¤°à¤¹à¤¾à¤° करते हैं।
राषà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¦ और कड़े तेवरों के अलावा, अकà¥à¤·à¤¯ के कावà¥à¤¯ में à¤à¤• यà¥à¤µà¤¾ मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ की दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾à¤°à¥€, रिशà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़à¥à¤¬à¤¾ उनकी कविताओं को आम यà¥à¤µà¤¾à¤“ं से जोड़ता है।
संकà¥à¤·à¥‡à¤ª में, अकà¥à¤·à¤¯ राजूरकर à¤à¤• à¤à¤¸à¥‡ कवि हैं जिनकी आवाज़ में यà¥à¤µà¤¾à¤“ं का शंखनाद, मातृभूमि के पà¥à¤°à¤¤à¤¿ अटूट समरà¥à¤ªà¤£ और ‘भारत को भवà¥à¤¯’ बनाने का दृढ़ संकलà¥à¤ª गूà¤à¤œà¤¤à¤¾ है।
पूरà¥à¤µ में अभाविप जैसे संगठन में सकà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¤à¤¾ से कारà¥à¤¯à¤°à¤¤ रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपà¥à¤° राजà¥à¤¯ के अतà¥à¤¯à¤‚त दà¥à¤°à¥à¤—म कà¥à¤·à¥‡à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤‚ में पà¥à¤°à¤¤à¥à¤¯à¤•à¥à¤· काम का अनà¥à¤­à¤µ किया है। इनका जनजाति और सेवा कारà¥à¤¯ से विशेष लगाव है।

Bhashansudha

150.00

📖 पà¥à¤¸à¥à¤¤à¤•ाची वैशिषà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¥‡
• विविध विषयांचे भाषणसंगà¥à¤°à¤¹ – अनेक विषयांवरील भाषणे à¤à¤•तà¥à¤°à¤¿à¤¤à¤ªà¤£à¥‡ वाचणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ संधी.
• थोर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤®à¤¤à¥à¤¤à¥à¤µà¤¾à¤‚ची ओळख – अनेक महान पà¥à¤°à¥à¤·à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ जीवनचरितà¥à¤°à¤¾à¤šà¤¾ परिचय आणि तà¥à¤¯à¤¾à¤¤à¥‚न पà¥à¤°à¥‡à¤°à¤£à¤¾.
• भाषणकलेचे मारà¥à¤—दरà¥à¤¶à¤¨ – भाषणाची भाषा, वापरायचे शà¥à¤²à¥‹à¤•, सà¥à¤µà¤šà¤¨à¥‡ व कविता यांचा उतà¥à¤¤à¤® संदरà¥à¤­.
• थोडकà¥à¤¯à¤¾à¤¤ अधिक सांगणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ कला – कमी वेळात विषय अधिक वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¤•पणे मांडणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ तंतà¥à¤°.
• वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ घटनांचा अभà¥à¤¯à¤¾à¤¸ – देशात घडणाऱà¥à¤¯à¤¾ घटनांचा विवेचनातà¥à¤®à¤• दृषà¥à¤Ÿà¤¿à¤•ोन.
• बहà¥à¤¶à¥à¤°à¥à¤¤ होणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥€ संधी – जà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¾à¤šà¥€ वà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤à¥€ वाढवून अधिक समृदà¥à¤§ होणà¥à¤¯à¤¾à¤¸ मदत.
• भाषेतील शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¤à¤¾ – समरà¥à¤ªà¤• शबà¥à¤¦, अचूक वाकà¥à¤¯à¤°à¤šà¤¨à¤¾ आणि वà¥à¤¯à¤¾à¤•रणदृषà¥à¤Ÿà¥à¤¯à¤¾ शà¥à¤¦à¥à¤§à¤²à¥‡à¤–नाची सवय.
• विचारांची खोली व शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤‚वर पà¥à¤°à¤­à¤¾à¤µ – विषय अचूकपणे मांडणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ आणि शà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¯à¤¾à¤‚चà¥à¤¯à¤¾ मनाचा ठाव घेणà¥à¤¯à¤¾à¤šà¥‡ कौशलà¥à¤¯.

Dhanyachi Kulkatha

75.00

In the human circulization agriculture development and progressive evolution of grains is an important developmental step. Grains, such as paddy, corn, wheat, cereal millet has been discribed in this book with is origin and development till today by Dr. K.K. Kshirsagar interestingly.