Additional information
| Weight | 125 kg |
|---|---|
| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
| Weight | 125 kg |
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| Dimensions | 21.5 × 14 cm |
कहाणी जिद्दीची ही कादंबरी एका सालस तरुणीची कथा आहे. केवळ मुलगा चांगला आहे म्हणून आई वडिलांच्या आग्रह खातर ती विवाहाला तयार होते. शिक्षण पुढे सुरु ठेवता येईल हीच त्यातली जमेची बाजू. तसं ती विवाहानंतर हवं त्या क्षेत्रातील, आणि हवं तेव्हढं शिक्षण घेते देखील. पण नवऱ्याच्या लहरी स्वभावाने तिला काय काय भोगाव लागतं… जेव्हा तिच्या सहनशीलतेचा अंत होतो आणि तिच्या जीवावर बेततं तेव्हा मात्र घर सोडून बाहेर पडण्याशिवाय पर्याय नसतो. सगळं संपलेलं असताना फिनिक्स पक्षाप्रमाणे ती पुन्हा राखेतून उभी राहते. एकल पालकत्व निभावत पुढे जात राहते.उच्च विद्या विभूषित असलेल्या स्त्रीने प्रत्यक्षात अनुभवलेलं हे सारं … म्हणून तिच्या या जिद्दीची ही कहाणी .
“मराठीतून जर्मन – शिकणं आता सौपं” “भाषा ही फक्त संवादाचं साधन नाही ती नव्या संस्कृतीकडे आणि नव्या संधींकडे नेणारं दार आहे.” आज अत्यंत आनंद आणि अभिमान वाटतो की “जर्मन भाषा गुरु” हे पुस्तक अधिकृतपणे प्रकाशित होत आहे. हे पुस्तक खास मराठी विद्यार्थ्यांसाठी तयार केलेले आहे, जे जर्मन भाषा शिकू इच्छितात पण इंग्रजी माध्यमामुळे अडचण अनुभवतात. […]
This book has fulfilled the demand of banks/credit societies as it has draft with the important articles of Banking Regulation Act, giving explanation about all aspects dealing with it for the working of banks and credit-societies, along with its application in different circumstances. First each one is given in summary/abstract and later on in B R act (applied to the co-operative urban banks) in translation in Marathi. By reading the English part, everyone would be benefited.
अक्षय पुष्पा प्रभाकर राजूरकर मुख्य रूप से आष्टी, जिला वर्धा (महाराष्ट्र) से जुड़े एक युवा, ओजस्वी और संवेदनशील रचनाकार हैं। उनकी कविताओं का संग्रह उनके प्रखर राष्ट्रवादी विचारों, सामाजिक सरोकारों और एक संघर्षरत युवा के अंतर्मन का सजीव दस्तावेज़ है।
अक्षय की लेखनी में ‘वीर रस’ और ‘देशप्रेम’ की गहरी छाप है। वे छत्रपति शिवाजी महाराज, लोकमान्य तिलक, चंद्रशेखर आज़ाद और वीर सावरकर, डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर जैसे राष्ट्रीय नायकों से अत्यंत प्रभावित हैं और अखंड भारत तथा ‘राम राज्य’ की पुनर्स्थापना का स्वप्न देखते हैं।
इतिहास और संस्कृति के प्रति गौरव के साथ-साथ, कवि समसामयिक मुद्दों- जैसे पूर्वोत्तर (मणिपुर) की स्थिति, आतंकवाद, जी-20 सम्मेलन और वर्तमान राजनीति – पर भी अपनी लेखनी के माध्यम से बेबाक और तीखा प्रहार करते हैं।
राष्ट्रवाद और कड़े तेवरों के अलावा, अक्षय के काव्य में एक युवा मन की कोमलता भी बसती है। जीवन की कशमकश, करियर की चिंता, दोस्तों की दुनियादारी, रिश्तों का टूटना और अकेलेपन से लड़कर मंज़िल पाने का जज़्बा उनकी कविताओं को आम युवाओं से जोड़ता है।
संक्षेप में, अक्षय राजूरकर एक ऐसे कवि हैं जिनकी आवाज़ में युवाओं का शंखनाद, मातृभूमि के प्रति अटूट समर्पण और ‘भारत को भव्य’ बनाने का दृढ़ संकल्प गूँजता है।
पूर्व में अभाविप जैसे संगठन में सक्रियता से कार्यरत रहे हैं। गढ़चिरोली और मणिपुर राज्य के अत्यंत दुर्गम क्षेत्रों में प्रत्यक्ष काम का अनुभव किया है। इनका जनजाति और सेवा कार्य से विशेष लगाव है।
In our Kitchen, there are many such things available, which are useful as medicines, Vaidya Shri. R. M. Pujari has given fall information about the household materials and then medical importance, with the hints useful to every housewife.
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